मुजफ्फरनगर। रामराज थाना क्षेत्र में एक शातिर जालसाज द्वारा फर्जी पुलिस कमिश्नर बनकर 17 वर्षीय किशोर से लाखों रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुजफ्फरनगर पुलिस और साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमृतसर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर ठगी की शत-प्रतिशत राशि बरामद कर ली है।
अमृतसर यात्रा से शुरू हुआ ठगी का जाल-
पुलिस के अनुसार, पीड़ित किशोर कुछ समय पहले अमृतसर घूमने गया था। वहाँ उसकी मुलाकात एक मोबाइल शॉप संचालक प्रशांत उर्फ निखिल से हुई। प्रशांत ने किशोर को अपनी बातों में फंसाया और ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर उससे करीब 1,17,400 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
जब मांगे पैसे, तो बना फर्जी ‘कमिश्नर’-
जब किशोर ने अपना निवेश किया हुआ पैसा वापस मांगा, तो प्रशांत ने एक नई साजिश रची। उसने अपने एक वेटर साथी नाजीब से किशोर की बात कराई। नाजीब ने खुद को ‘पुलिस कमिश्नर’ बताते हुए किशोर को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया और डरा-धमकाकर 45,000 रुपये और वसूल लिए। इस तरह आरोपियों ने कुल 1,62,400 रुपये की ठगी की।
पुलिस की बड़ी कामयाबी-
पीड़ित के पिता गुरबचन सिंह की शिकायत पर रामराज थाना पुलिस और जनपद की साइबर क्राइम टीम ने जाल बिछाया। पुलिस टीम ने अमृतसर में दबिश देकर नाजीब और प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से ठगी गई पूरी रकम (1,62,400 रुपये) और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
एसपी क्राइम का बयान-
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि मुकदमा अपराध संख्या 83/2025 के तहत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ वित्तीय लेन-देन न करें और ऑनलाइन निवेश के लालच में न आएं। किसी भी ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया है। जिले की पुलिसिंग और साइबर सुरक्षा की अधिक जानकारी के लिए आप मुजफ्फरनगर पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।










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