मुज़फ्फरनगर। मंगलवार, 11 नवंबर को खतौली में उस समय हंगामा मच गया जब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के रूप में तैनात कुछ शिक्षकों ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर अपनी ड्यूटी कटवाने की कोशिश की। इन शिक्षकों को उपजिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) निकिता शर्मा की कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद वे निराश होकर लौट गए।
ड्यूटी कटवाने की ‘जुगाड़’ फेल-
मंगलवार को SDM निकिता शर्मा अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर रही थीं। इसी दौरान, कई शिक्षक डॉक्टरों के पर्चे और रिपोर्ट्स लेकर SDM के सामने पेश हुए और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे महत्वपूर्ण कार्य में BLO की ड्यूटी करने में असमर्थता व्यक्त करते हुए ड्यूटी काटने की मांग करने लगे।
SDM निकिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि BLO ड्यूटी की निश्चित समय-अवधि बीत चुकी है, और सभी को अपने काम में लग जाना चाहिए। इसके बावजूद, कुछ शिक्षक अपने चिकित्सीय कागजात दिखाकर ज़िद पर अड़े रहे।
SDM का तीखा सवाल: ‘क्या खाक पढ़ाते होंगे!’
स्थिति तब गरमा गई जब एक शिक्षक ने अपनी मांग को लेकर अधिक तीन-पांच (बहस/अनावश्यक तर्क) करना शुरू कर दिया। SDM निकिता शर्मा ने इस शिक्षक को आईना दिखाते हुए एक बेहद तीखा और चर्चा में आया जुमला कहा:
“जब खराब स्वास्थ्य के कारण तुम BLO की ड्यूटी नहीं कर सकते, तो स्कूल में बच्चों को क्या खाक पढ़ाते होंगे।”
SDM के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया कि वह शिक्षकों के बहानेबाजी को स्वीकार नहीं करेंगी। उन्होंने ड्यूटी कटवाने आए सभी शिक्षकों को अपने कार्य के प्रति कर्मठता दिखाने और ज़िम्मेदारी निभाने का पाठ पढ़ाया और उन्हें वापस स्कूल के कामों में लगने का निर्देश दिया।
कार्यालय के बाहर प्रतीक्षारत शिक्षकों में घबराहट-
इस घटना का असर यह हुआ कि SDM कार्यालय के बाहर अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए इंतज़ार कर रहे कई अन्य शिक्षकों ने माहौल भांप लिया। चर्चा है कि SDM की सख्ती देखने के बाद, इन शिक्षकों ने अपने प्रार्थना पत्र जेब में रखे और चुपचाप वापस लौट गए। यह घटना चुनावी कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
एक अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई-
जनसुनवाई के दौरान, SDM निकिता शर्मा को तहसील क्षेत्र के एक गांव से एक दबंग द्वारा ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा करने के प्रयास की शिकायत भी मिली। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, SDM ने इस क्षेत्र के संबंधित तहसील अधिकारियों को फौरन मौके पर जाकर आरोप की गहन जांच-पड़ताल करने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।










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