नई दिल्ली : इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई काफी खतरनाक होती जा रही है। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने बयान जारी किया है। शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात कर एकजुटता जताई है। पाकिस्तान ने इजरायल के हमले को स्पष्ट तौर पर उकसावे का कृत्य बताया। इजरायल ने शुक्रवार को ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किए। हमलों में कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। बाद में ईरान ने भी जवाबी हमले किए।
शरीफ ने शनिवार को पेजेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत में ईरान के खिलाफ इजराइल के हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहाकि यह हमला ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर एवं अंतराष्ट्रीय कानून का पूर्ण उल्लंघन है। शरीफ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहाकि आज ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से बात की और इजरायल के अकारण आक्रमण के सामने ईरान के लोगों के साथ पाकिस्तान की अटूट एकजुटता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने कहाकि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने इजरायल के हमलों को क्षेत्रीय, वैश्विक शांति तथा स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया। ‘रेडियो पाकिस्तान’ ने अपनी खबर में बताया कि उन्होंने फलस्तीनियों के खिलाफ इजरायल के लगातार नरसंहार अभियान की भी कड़ी निंदा की। प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि वे इजरायल के आक्रामक रुख और उसके अवैध कृत्यों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल एवं प्रभावी कदम उठाएं।
शहबाज शरीफ ने कहाकि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संदर्भ में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने इस कठिन समय में, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के साथ पाकिस्तान के समर्थन और एकजुटता के लिए प्रधानमंत्री शरीफ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि शरीफ का यह भाव दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को दर्शाता है।











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