शामली। मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन शामली के सभागार कक्ष में फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में तीन नवीन भारतीय कानूनों के साथ-साथ फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी बारीकियों पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक शामली राम सेवक गौतम ने की।
इस कार्यशाला में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL), निवाड़ी गाजियाबाद से आए वैज्ञानिक अधिकारी रमेश लोधी, मुकुल सिंह और दीपक चौधरी ने भाग लिया। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे हाल में लागू किए गए तीन नए कानूनों के प्रावधानों को विस्तार से समझाया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली में इन कानूनों के प्रभाव, फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया, आग्नेय अस्त्रों के प्रयोग में सावधानियां, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की विधियां, अभिलेखीय अपराधों की विवेचना और पुलिस फोटोग्राफी के तकनीकी पहलुओं पर भी व्याख्यान दिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को नए विधायी परिवर्तनों से अवगत कराना तथा फॉरेंसिक साइंस की आधुनिक तकनीकों के प्रति प्रशिक्षित करना था, जिससे वे अपराध अनुसंधान को अधिक सटीक और वैज्ञानिक ढंग से अंजाम दे सकें।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर अमरदीप मौर्य, क्षेत्राधिकारी थानाभवन जितेन्द्र सिंह यादव, फील्ड यूनिट प्रभारी प्रमोद कुमार सहित जिले के समस्त थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों से संवाद कर कई व्यावहारिक प्रश्न भी पूछे, जिनका उत्तर वैज्ञानिकों ने उदाहरणों सहित दिया। इस आयोजन से पुलिस बल को न केवल कानूनी समझ में वृद्धि हुई, बल्कि अपराधों की विवेचना में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए भी प्रेरणा मिली।











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