मुजफ्फरनगर। जानसठ पुलिस ने जमीन विवाद में फर्जी जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार, गांव सालारपुर निवासी महताब पुत्र मुन्तियाज ने शुक्रवार को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात बदमाशों ने उस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसकी तहरीर पर मामला दर्ज किया था, लेकिन जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों से पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।
जांच में सामने आया कि महताब ने अपने साथी वसीम पुत्र मुस्तकीम के साथ मिलकर खुद पर गोली चलवाई थी। पूछताछ में महताब ने स्वीकार किया कि उसने अपनी एक बीघा जमीन का इकरारनामा मीरापुर निवासी आसिफ पुत्र हसरत को कर रखा था और उससे पूरे पैसे भी ले लिए थे। बाद में वह पैसे हड़पना चाहता था और आसिफ को फर्जी मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई। इसके तहत वसीम ने तमंचे से महताब के पैर पर गोली चलाई और बाद में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।
सीओ यतेंद्र नागर ने बताया कि आरोपियों की साजिश का खुलासा होने के बाद जानसठ पुलिस ने महताब और वसीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है क्योंकि आरोपी खुद को पीड़ित बनाकर दूसरों को फंसाने की कोशिश कर रहे थे।










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