मुजफ्फरनगर। खतौली विधानसभा सीट पर 5 दिसम्बर को होने वाले उपचुनाव के लिए आखिरकार भाजपा ने आज अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया। भाजपा ने एक बार फिर से विधायक विक्रम सैनी पर भरोसा जताते हुए उनकी पत्नी राजकुमारी सैनी को प्रत्याशी घोषित किया है। प्रत्याशी घोषित होने के बाद जब पत्रकार उनका इंटरव्यू लेने पहुंचे तो वह अपने पशुओं को चारा डालते मिलीं। हालांकि उन्होने पत्रकारों के सवालों का सधे अंदाज में जवाब दिया।
खतौली से भाजपा प्रत्याशी घोषित की गई विक्रम सैनी की पत्नी राजकुमारी सैनी ने कहा कि उनका परिवार हमेशा समाजसेवा करता आया है, ओर आगे भी करता रहेगा। उन्होने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान जब उनके पति जेल में रहे तो उन्होने घर की सारी जिम्मेदारी संभाली। हालांकि उन्होने जयंत चौधरी पर किसी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। नीचे क्लिक कर देखें राजकुमारी सैनी का पूरा वीडियो
भाजपा से टिकट फाइनल, मिलने पहुंचे पत्रकार तो पशुओं को चारा डालती मिली विक्रम सैनी की पत्नी, दिया ये बडा बयान @BJP4UP @BJP4India #muzaffarnagar #KhatauliBypoll #Khatauli pic.twitter.com/p6J1yEHvWf
— ASB NEWS INDIA (@asbnewsindia) November 15, 2022
यूपी विधानसभा उपचुनाव के लिए आज बीजेपी ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी ने मैनपुरी लोकसभा सीट से रघुराज शाक्य को टिकट दिया है। वहीं रामपुर से बीजेपी ने आकाश सक्सेना को उम्मीदवार घोषित किया है। मुजफ्फरनगर की खतौली सीट से विक्रम सैनी की सदस्यता रद्द होने के बाद बीजेपी ने उनकी पत्नी राजकुमारी सैनी को प्रत्याशी बनाया है। अब इस सीट पर पर गठबंधन प्रत्याशी मदन भैया और बीजेपी प्रत्याशी राजकुमार सैनी के बीच घमासान होने की संभावनाएं हैं।
खतौली विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए बीजपी ने एक बार फिर विक्रम सैनी पर भरोसा जताते हुए उनकी पत्नी राजकुमारी सैनी को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर उप चुनाव लड़ने के लिए कई लोगों के नाम सामने आए थे। इनमें भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी और रूपेंद्र सैनी के नाम पर भी चर्चा चल रही थी।
2013 में जब मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगे हुए थे, उस समय विक्रम सैनी जिला पंचायत सदस्य थे और उनका नाम दंगों में आया था। इस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। विक्रम सैनी जब जेल से छूट कर आए थे तो भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें खतौली से अपना प्रत्याशी बनाया था। इसके बाद भारी मतों से विक्रम सैनी ने जीत हासिल की थी। 2022 के चुनाव में भी बीजेपी ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया था और इस बार भी हाईकमान के विश्वास पर खरे उतरे थे।









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