मुजफ्फरनगर। बसपा नेता उपकार बावरा के नेतृत्व में कासमपुर गांव की दलित महिलाएं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि थाना छपार क्षेत्र के कासमपुरा गांव की अनुसूचित जाति की महिलाएं तालाब के किनारे गोबर से उपले बनाकर चूल्हे के ईंधन के रूप में उपयोग करती हैं। लेकिन अब ग्राम प्रधान ने तालाब में अधिक पानी भरवा कर महिलाओं को उपले बनाने से रोक दिया है।
उपकार बावरा ने प्रशासन से मांग की है कि महिलाओं को उपले बनाने के लिए उचित और व्यवस्थित स्थान दिया जाए। उन्होंने बताया कि पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र के कासमपुरा गांव की दलित महिलाएं इस मुद्दे को लेकर उनके साथ आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में गरीबों की जिंदगी बहुत कठिन हो गई है। खासकर अनुसूचित जाति के लोग अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जीने के लिए भी सम्मानजनक जीवन नहीं मिल पा रहा है।
उपकार ने कहा कि कासमपुर गांव के लगभग 100 दलित परिवार वर्षों से तालाब के किनारे उपले बनाकर अपना खाना पकाने के लिए ईंधन का इंतजाम करते आए हैं। लेकिन अब प्रशासन, तालाब संचालक और ग्राम प्रधान मिलकर महिलाओं को वहां से उपले बनाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। तालाब का चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिससे प्रभावित परिवारों की आर्थिक व्यवस्था बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि अमीरों के पास गैस और अन्य ईंधन के विकल्प हैं, लेकिन गरीब परिवारों के पास अपने परिवार के लिए गोबर से बने उपले ही एकमात्र विकल्प हैं।
उपकार बावरा ने जिलाधिकारी से अपील की है कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाया जाए।











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