नई दिल्ली : पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर का खौफ सदियों तक रहेगा. आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान को लगा कि पहलगाम अटैक करवा कर वह बच जाएगा. मगर वह भूल गया कि यह नया भारत है. दुश्मनों को घर में घुसकर मारता है. ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की जो लंका जलाई, उसकी तपिश उसे सदियों तक जलाएगी. भारत के ब्रह्मोस मिसाइल ने तबाही का ऐसा मंजर दिखाया कि पाकिस्तान पस्त हो गया. परमाणु धमकी देने वाले पाकिस्तान को भी घुटनों पर आना पड़ा. भारत के सामने सीजफायर की गुहार लगानी पड़ी. खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से लेकर मुल्ला मुनीर तक कबूल कर चुके हैं. अब पाकिस्तानी डिप्टी पीएम इशाक डार ने भी कबूल किया है कि पाकिस्तान ने ही सीजफायर की गुहार लगाई थी. दिलचस्प है कि केवल अमेरिका ही नहीं, इसके लिए पाकिस्तान ने सऊदी अरब का भी सहारा लिया था.
दरअसल, 7 मई को भारत ने पहलगाम अटैक का बदला ऑपरेशन सिंदूर से लिया था. ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया. ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों ने पाकिस्तान में जमकर तबाही मचाई. आतंकियों की लाशें बिछा दीं. आतंकी ठिकाने तबाह हो गए. नूर खान एयरबेस से लेकर शोरकोट एयरबेस नेस्तनाबूद हो गए. ब्रह्मोस मिसाइलों के अटैक से पाकिस्तान इतना खौफजदा हुआ कि उसने केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब से भी सीजफायर की पैरवी लगवाई. पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने एक इंटरव्यू में कबूल किया है कि भारत के मिसाइल अटैक्स पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया. इसके बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब और अमेरिका से युद्धविराम के लिए मध्यस्थता की गुहार लगाई.
इशाक डार ने जियो न्यूज से बातचीत में खुलासा किया कि भारत ने रावलपिंडी के नूर खान और शोरकोट एयरबेस पर हमले किए. इससे पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई की योजना ध्वस्त हो गई. इशाक डार ने बताया कि भारत के हमले के 45 मिनट के भीतर सऊदी प्रिंस फैसल बिन सलमान ने उन्हें फोन किया और पूछा कि क्या मैं जयशंकर से बात करूं और कहूं कि पाकिस्तान युद्धविराम के लिए तैयार है? इस पर इशाक डार ने तुरंत हामी भरी और कहा कि हां प्लीज आप जयशंकर साहब को फोन कीजिए और बोलिए कि हम सीजफायर चाहते हैं.
इशाक डार के इस बात साफ होता है कि पाकिस्तान ब्रह्मोस मिसाइलों के अटैक से टूट चुका था. उसे डर था कि अगर सीजफायर नहीं हुआ तो पाकिस्तान का नाम नक्शे से मिट जाएगा. यही कारण है कि पाकिस्तान को जहां राह दिख रही थी, वहीं से वह सीजफायर की गुहार और पैरवी करवा रहा था. वैसे भी इशाक डार बरबोले रहे हैं. उन्होंने कहा कि सऊदी प्रिंस का उन्हें फोन आया. मगर ऐसा लगता नहीं है. पाकिस्तान की जो हालत है, उससे तो लगता है कि पाकिस्तान ने खुद सऊदी अरब को फोन कर गुहार लगाई होगी और सीजफायर के लिए जयशंकर से बातचीत करने को कहा होगा. वैसे भी पूरी दुनिया को एस जयशंकर और सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की केमेस्ट्री का अंदाजा है.











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