नई दिल्ली : इजरायल-ईरान युद्ध अब भयंकर मोड़ पर है. अब ईरान और इजरायल में आर-पार की लड़ाई होगी. अभी तक ईरान में तबाही मची थी. मगर अब इजरायल में भी कोहराम मचेगा. कारण कि ईरान का साथ देने के लिए कुंभकरण नींद से जाग गया है. अब यह कुंभकरण इजरायल में कायमत की रात लाने को बेताब है. ईरान का कुंभकरण ऐसे वक्त में नींद से जागा है, जब बेंजामिन नेतन्याहू का ब्रह्मास्त्र यानी आयरन डोम फेल हो चुका है. जी हां, हम बात कर रहे हैं ईरान के पाले-पोसे संगठन हिजबुल्लाह की है.
मिडिल ईस्ट में तनाव सातवें आसमान पर है. अब ईरान और इजरायल के बीच और मार-काट मचेगी. कारण कि लेबनान स्थित संगठन हिजबुल्लाह ने खुले तौर पर ईरान का साथ देने की घोषणा कर दी है. मतलब कि अब ईरान की तरफ से इजरायल से हिजबुल्लाह भी दो-दो हाथ करेगा. हिजबुल्लाह के सीनियर नेता नईम कासिम ने 20 जून को कहा, ‘हम न्यूट्रल नहीं हैं. हम ईरान के साथ पूरी ताकत से खड़े हैं और वही करेंगे जो हमें सही लगेगा.
हिजबुल्लाह के इस बयान ने इजरायल में हड़कंप मचा दिया है. कारण कि हिजबुल्लाह के पास हजारों रॉकेट्स और उन्नत हथियार हैं, जो इजरायल के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं. हिजबुल्लाह अब अपनी मिसाइलों से इजरायल पर बमबारी करेगा. इस तरह इजरायल ईरान और हिजबुल्लाह दोनों से एक साथ लड़ेगा. गाजा जंग में भी हिजबुल्लाह नेतन्याहू की सेना को अपना दमखम दिखा चुका है. यह बात अलग है कि इजरायल ने हमास के साथ-साथ हिजबुल्लाह को भी पहले से कमजोर किया है.
दरअसल, पिछले 8 दिनों से ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को इजरायल टारगेट कर रहा है. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. ईरानी मिसाइल हमलों ने इजरायल की आयरन डोम पोल खोलकर रख दी. आयरन डोम कई ईरानी मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहा, जिससे तेल अवीव और हाइफा जैसे शहरों में हल्का नुकसान हुआ. अब आयरन डोम को हिजबुल्लाह के उन्नत रॉकेट्स और ड्रोन्स का भी सामना करना पड़ेगा.
ईरान के साथ हिजबुल्लाह के युद्ध में उतरने से इजरायल के लिए स्थिति जटिल हो गई है. हिजबुल्लाह के पास अनुमानित 1,50,000 रॉकेट्स और मिसाइलें हैं, जो उत्तरी इजरायल को निशाना बना सकती हैं. अगर एक साथ ईरान और हिजबुल्लाह हमले करता है तो इजरायल में कोहराम च सकता है. तबाही आ सकती है. हालांकि, इजरायल के साथ अमेरिका खड़ा है. हिजबुल्लाह की एंट्री के मद्देनजर इजरायल ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है.
हिजबुल्लाह के ऐलान से नेतन्याहू भी टेंशन में होंगे. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही चेताया है कि अग ईरान का साथ हिजबुल्लाह देता है तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी. हालांकि, मिडिल ईस्ट की स्थिति पर नजर रखने वालों का मानना है कि एक साथ ईरान और हिजबुल्लाह से युद्ध इजरायल के लिए कयामत की रात ला सकता है. अभी अमेरिका ने इजरायल को समर्थन देने की बात दोहराई है, लेकिन सीधे युद्ध में शामिल होने से बचा हुआ है. अगर ईरान और हिजबुल्लाह एक साथ इजरायल को घेरते हैं तो युद्ध में कूदना अमेरिका के लिए भी मजबूरी हो जाएगी.











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