मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने मुजफ्फरनगर के सरवट रोड पर स्थित 18 उद्योगों को वायु प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इन इकाइयों से निकलने वाला धुआं और धूल आसपास के घने आवासीय क्षेत्रों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर रहा है।
बोर्ड की टीम ने 25 अप्रैल 2025 को एक शिकायत के आधार पर स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें यह पाया गया कि कई फैक्ट्रियों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण या तो काम नहीं कर रहे थे या पूरी तरह अनुपस्थित थे। साथ ही, कुछ स्थानों पर कोयला और अन्य ठोस ईंधन खुले में जमा पाए गए, जिससे धूल और जहरीले तत्वों का फैलाव हो रहा है।
क्षेत्रीय अधिकारी मो. साजिद द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि निरीक्षण के समय क्षेत्र की वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब पाई गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कॉलोनियों, सड़कों और खुले स्थलों पर धूल और धुएं की मात्रा बेहद चिंताजनक थी। यह स्थिति राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एन.जी.टी.) के मानकों के प्रतिकूल पाई गई।
बोर्ड ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन के सहयोग से इन उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इन इकाइयों के खिलाफ जल एवं वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि सरवट रोड औद्योगिक क्षेत्र शहर के घने रिहायशी इलाके से सटा हुआ है। यहां पहले से ही वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा पर बना हुआ है। प्रदूषण बोर्ड की चेतावनी और सिफारिशें समय रहते लागू नहीं की गईं, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।










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