सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर के कठैला समय माता थाना क्षेत्र के बरुइया में एक महिला ने अपनी बेटी और बेटे के साथ बूढ़ी राप्ती नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। शनिवार की सुबह तीनों के शव तैरते मिले तो लोग हैरान रह गए। महिला की कमर से दोनों बच्चे बंधे हुए थे। आशंका जताई जा रही है कि उन्हें कमर में बांधने के बाद महिला ने नदी में छलांग लगा दी होगी।
इस घटना के पीछे गृह कलह बताया जा रहा है। क्योंकि, शुक्रवार शाम को सास से कहासुनी के बाद से वह घर से निकल गई थी। पुलिस ने लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। वहीं पुलिस ने महिला के भाई की तहरीर पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
कठेला समय माता थाना इलाके के औरहवा ग्राम पंचायत के बड़ुइया टोले की रहने वाली माया (28) पत्नी सचिन अपनी पुत्री मोनिका (6), पुत्र शिवांश (2) और सास एवं छोटी ननद के साथ रहती थी। उसका पति सचिन हरियाणा के गुरुग्राम में पिता हृदयराम व छोटे भाई रघुनंदन के साथ रहता है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम को सास से कुछ कहासुनी हुई। इसके बाद वह घर से निकल गई।
शनिवार को सुबह छह बजे गांव के लोगों ने बड़ुइया में बूढ़ी राप्ती नदी में उतराता हुआ शव देखा। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाश बाहर निकलवाई और लोगों ने उसकी पहचान की। आशंका जताई जा रही है कि विवाद के बाद उसने ऐसा कदम उठाया।
महिला ने दोनों बच्चों को कमर में बांधकर छलांग लगाई होगी। क्योंकि, दोनों बच्चे उसकी कमरे से बंधे थे। एसओ शेषनाथ यादव पे बताया किया मृतका के भाई ने तहरीर दी है। उसके आधार पर पति, सास और ससुर पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में केस दर्ज किया जा रहा है।
माया के भाई अशोक कुमार चौहान ने कठेला समय माता थाने में तहरीर देकर ससुराल पक्ष पर दहेज मांगने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि दहेज के लिए बहन को अकसर प्रताड़ित किया जा रहा था। सास हमेशा झगड़ती थी। वहीं, पति सचिन, और ससुर हृदयराम भी दहेज के लिए परेशान करते थे। शुक्रवार को सास फूलमती के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद ही यह घटना हुई है। अशोक की तहरीर पर पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में केस दर्ज कर लिया है।
घटना के बाद गांव के लोगों में चर्चा है कि तकरीबन तीन बजे के आसपास दोनों के बीच किसी बात को लेकर तकरार हो रही थी। उन दोनों के अलावा घर में कोई पुरुष नहीं है जो उन्हें समझाता। विवाद होने के बाद दोनों इधर- उधर हो गईं। दोनों में गुस्सा था, लेकिन विवाद के बाद क्या हुआ, इसके बाद किसी को जानकारी नहीं लगी। अगर कहासुनी हुई थी तो बहू नहीं तो बच्चों को तो ढूंढना चाहिए था कि वह कहां हैं। अगर बच्चों को ढूंढा होता तो भी जानकारी मिल जाती और शायद घटना टल जाती।
गृहक्लेश के कारण महिला ने यह कदम उठाया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।-सुजीत राय, सीओ











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