शामली। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में निर्दोष पर्यटकों की मौत के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। इस कार्रवाई से नागरिक भारतीय सेना की बहादुरी पर गर्व महसूस कर रहे हैं और इसी के बाद सेना के सम्मान में शामली में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई।
शनिवार को शामली के झिंझाना रोड स्थित आर के डिग्री कॉलेज से तिरंगा यात्रा की शुरुआत हुई। इस यात्रा में हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सहित सभी धर्मों के सैकड़ों लोग शामिल हुए। यात्रा में सभी लोग देशभक्ति गीतों के साथ “भारत माता की जय” के नारे लगा रहे थे और हाथों में तिरंगे झंडे व पंपलेट लिए हुए थे। इस दौरान पूरा शहर जोश और उत्साह से भरा हुआ था।
तिरंगा यात्रा के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। यात्रा में भाग लेने वाले नागरिक भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर की गई कार्रवाई की प्रशंसा कर रहे थे। नगर पालिका चेयरमैन ने बताया कि यह यात्रा भारतीय सेना के सम्मान और उनके साहसिक कार्य की सराहना करने के लिए आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा, “हर भारतीय नागरिक भारतीय सेना और तिरंगे के सम्मान में खड़ा है, और इस यात्रा में सभी धर्मों के लोग शामिल हो रहे हैं। हम सभी को यह समझना चाहिए कि देश के लिए जीना और मरना ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”
इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के कई दिग्गज नेता भी यात्रा में शामिल हुए, जिनमें पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, पूर्व कैराना सांसद प्रदीप चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष तेजेंद्र निर्वाल और नगर पालिका चेयरमैन अरविन्द संगल प्रमुख थे।
यह तिरंगा यात्रा शामली में सभी धर्मों के बीच भाईचारे और एकता का प्रतीक बनी, जो यह दर्शाता है कि देश की सुरक्षा और सेना के प्रति सम्मान सभी समुदायों में समान रूप से है।











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