मुज़फ्फरनगर। बुढ़ाना कस्बे में मोनू खटीक की हत्या के बाद रविवार को तेरहवीं पर आयोजित शोक सभा में भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने मोनू को श्रद्धांजलि दी और भावुक माहौल में वक्ताओं ने समाज से एकजुट रहने की अपील की।
राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “मोनू के हत्यारों का ऐसा हश्र होगा कि उनकी सात पीढ़ियां याद रखेंगी।” उन्होंने कहा कि पांच आरोपियों पर कार्रवाई हो चुकी है और एफआईआर में दर्ज किसी भी आरोपी को कोई नहीं बचा पाएगा।
राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस घटना को सुनियोजित षड्यंत्र और सनातन संस्कृति पर हमला बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि भीड़ में मौजूद लोगों में से किसी ने मोनू को बचाने की कोशिश क्यों नहीं की। अग्रवाल ने पीड़ित परिवार के लिए सरकार की ओर से आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। साथ ही कहा कि “अगर यह घटना दूसरे वर्ग के साथ होती तो इसे मोब लिंचिंग बताकर बड़ा हंगामा खड़ा किया जाता।”
पूर्व विधायक उमेश मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद मुख्य आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उन पर एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
हिंदू रक्षा दल उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि योगी सरकार की ताकत से ही इस मामले में न्याय संभव हुआ है। यदि दूसरी सरकार होती तो ऐसी कठोर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि “मोनू को दूसरी कौम ने हमसे छीना है, लेकिन वह यादों में हमेशा जीवित रहेगा।”
सभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, जितेंद्र त्यागी, नितिन मलिक, विनीत कात्यायन, रामनाथ सिंह, वीरपाल निर्वाल, सुधीर खटीक, यशपाल पंवार समेत कई प्रमुख लोगों ने अपनी बात रखी। राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल और नितिन मलिक ने परिवार को 50-50 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की।










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