मुज़फ़्फ़रनगर : मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा से पहले ‘नेम प्लेट’ विवाद एक बार फिर से तूल पकड़ गया है। पूर्व भाजपा विधायक विक्रम सैनी ने कहा है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और खाने-पीने के प्रतिष्ठानों पर संचालकों और कर्मचारियों के नाम अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाने चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब इससे पहले भी इसी प्रकार की मांग को लेकर विवाद हो चुका है। 2024 में मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस संबंध में आदेश जारी किया था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्वैच्छिक कर दिया गया था। तब इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी बहस हुई थी।
विक्रम सैनी के इस बयान ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने दुकानों पर नाम लिखने की वकालत की थी।
हालांकि, इस बार प्रशासन ने इस विवाद पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। अब देखना यह होगा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर मौजूद होटल और ढाबों पर नाम लिखवाने को लेकर क्या कोई नई कार्रवाई होती है या नहीं।











Discussion about this post