नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड केस ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल मचा दी है। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने कांग्रेस की सीनियर लीडर सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी के खिलाफ क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी, धोखाधड़ी और भरोसा तोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए एक नई FIR दर्ज की है। FIR नंबर 0124/2025 के तहत कुल नौ आरोपियों के नाम हैं, जिनमें छह लोग और तीन कंपनियां शामिल हैं। यह कार्रवाई 3 अक्टूबर, 2025 की एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की शिकायत पर आधारित है, जिसमें PMLA के सेक्शन 66(2) के तहत एक तय अपराध दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
कांग्रेस पार्टी से जुड़ी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की करीब ₹2,000 करोड़ की संपत्ति को धोखे से हासिल करने की साज़िश रची गई थी। AJL नेशनल हेराल्ड अखबार की पब्लिशर है, जो 2008 में फाइनेंशियल संकट के कारण बंद हो गया था। उस समय, AJL पर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) का ₹90.21 करोड़ का बिना ब्याज का लोन बकाया था। आरोप है कि यह लोन 2010 में बनी यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के ज़रिए सिर्फ़ ₹50 लाख में खरीदा गया था। सोनिया गांधी और राहुल गांधी मिलकर यंग इंडियन के 76 परसेंट के मालिक हैं, जिससे वे इसके बेनिफिशियल ओनर बन जाते हैं।
ED की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि यंग इंडियन को पब्लिक फंड को प्राइवेट फायदे के लिए इस्तेमाल करने के लिए एक “स्पेशल पर्पस व्हीकल” के तौर पर बनाया गया था। AJL ने अपने बकाया कर्ज को ₹10 प्रति शेयर के 90.2 मिलियन इक्विटी शेयरों में बदल दिया, जिससे AICC के डोनर्स और शेयरहोल्डर्स को धोखा मिला। इसके अलावा, कोलकाता की एक कथित शेल कंपनी, डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड ने यंग इंडियन को ₹1 करोड़ ट्रांसफर किए, जिसके बारे में माना जाता है कि वह साज़िश का हिस्सा है। ED ने 9 अप्रैल, 2025 को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में IPC के सेक्शन 3 और 4 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट फाइल की।
अदालत ने अभी संज्ञान लेने पर फैसला सुरक्षित रखा है। एफआईआर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और सुनील भंडारी को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा तीन कंपनियों- यंग इंडियन, डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा पूर्व कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा और ऑस्कर फर्नांडिस का नाम भी जांच में आया था, लेकिन उनकी मृत्यु के कारण वे अब आरोपी नहीं हैं।











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