मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने को एक नई दिशा देने की तैयारी चल रही है। आगामी 21 दिसंबर को मुजफ्फरनगर के प्लैटिनम रिजॉर्ट (पचेड़ा रोड) में एक विशाल जाट-गुर्जर महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सदियों पुराने भाईचारे और एकता को मजबूत कर एक बड़ी सामाजिक और राजनीतिक शक्ति के रूप में संगठित होना है।
तैयारियों के लिए हुई बैठक-
सम्मेलन की सफलता सुनिश्चित करने और तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को गांव बाजिदपुर कव्वाली में जाट महासभा के जिला संयोजक अंकुर काकरान के आवास पर क्षेत्र के लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक और जाट महासभा के जिला अध्यक्ष चौधरी ब्रजवीर सिंह ने बताया कि यह सम्मेलन 23 नवंबर को दिल्ली में हुए सफल जाट-गुर्जर सम्मेलन की अगली कड़ी है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से 21 दिसंबर को मुजफ्फरनगर में आयोजित महासम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
‘एकता से बनेगी विराट शक्ति’-
बैठक में उपस्थित दोनों समाजों के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने एकता के महत्व पर जोर दिया:
गोपाल चौधरी (प्रदेश उपाध्यक्ष, गुर्जर समाज): उन्होंने कहा, “गुर्जर समाज और जाट समाज का आपसी भाईचारा सदियों पुराना है। जिस दिन दोनों में वास्तविक एकता हो जाएगी, उस दिन यह संगठन एक विराट शक्ति के रूप में उभरेगा।”
धर्मवीर खोखर (राष्ट्रीय सचिव, जाट महासभा): उन्होंने इस एकता को एक बड़ी मिसाल बताते हुए कहा कि इसके परिणाम आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत सुखद और अच्छे होंगे।
अंकुर काकरान (जिला संयोजक): उन्होंने कहा कि दोनों समाजों का रहन-सहन, खान-पान, रिश्ते-नाते और कई गोत्र भी मिलते-जुलते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि दोनों समाज एकजुट हो जाते हैं, तो आने वाली पीढ़ी को आगे बढ़ने का सशक्त मंच मिलेगा।
जाट महासभा के सभी पदाधिकारियों ने क्षेत्र से आए लोगों से इस ऐतिहासिक सम्मेलन को सफल बनाने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्य रूप से प्रदेश सचिव सर्वेंद्र राठी, योगेंद्र सदस्य जिला पंचायत, मंडल महामंत्री मनीष अहलावत, तहसील अध्यक्ष संजीव एडवोकेट, प्रदेश महासचिव अमन रॉयल, ब्लॉक अध्यक्ष हिमांशु राठी, मंडल सचिव विनीत जावला, चौधरी यशपाल राठी ग्राम अध्यक्ष अनुज चौधरी तहसील उपाध्यक्ष, धीर सिंह, धर्मवीर, हरेंद्र काकरान, सुरेश राठी, ब्रह्मपाल मावी, बिल्लू, पप्पल, अश्वनी चौधरी, बबलू आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।










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