मुजफ्फरनगर। नगर के नई मंडी रामलीला भवन में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज ने राम कथा के अत्यंत मार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। दशरथ मरण, भरत का ननिहाल से लौटना और राम-भरत मिलन के लिए अयोध्या का चित्रकूट प्रस्थान का प्रसंग भावपूर्ण ढंग से सुनाया गया।
दशरथ मरण से शोकाकुल हुए श्रोता कंसल परिवार द्वारा आयोजित इस श्रीराम कथा के पंडाल में संत जी महाराज ने कहा कि श्रीराम के वन गमन के बाद अयोध्या उजाड़ हो गई। जब सुमंत्र जी राम को छोड़कर अयोध्या लौटे और उन्होंने दशरथ जी को राम वियोग में शोक और विलाप करते हुए वर्णन किया, तो उस मार्मिक प्रसंग को सुनकर अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं और वे आँसू पोंछते हुए दिखाई दिए।
भरत जी का चरित्र गंगाजल जैसा पवित्र कथा व्यास ने भरत और शत्रुघ्न जी की अयोध्या वापसी और उन्हें राजा दशरथ के परलोक गमन की सूचना मिलने के बाद की मनःस्थिति का वर्णन किया। संत प्रवर ने भरत जी के भाई के रूप में चरित्र की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “भारत का भाई के रूप में जो चरित्र है वह गंगाजल की तरह पवित्र है।”
उन्होंने बताया कि महर्षि वशिष्ठ और माता कौशल्या के आग्रह के बावजूद, भरत जी ने राजसिंहासन स्वीकार नहीं किया और अपने बड़े भाई श्रीराम को वापस लाने के लिए चित्रकूट प्रस्थान करने की घोषणा की। इस पर संपूर्ण अयोध्या नगरी उनके साथ चलने के लिए तैयार हो गई। भरत जी के मन में श्रीराम के प्रति प्रेम को दर्शाते हुए संगीतमय भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु राम भक्ति में सराबोर होकर खूब झूमे।
कथा में मुख्य रूप से राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख आनंद, सह प्रांत कार्यवाह सेवादास, विभाग प्रचारक भूपेंद्र कुमार, पूर्व विधायक अशोक कंसल, राकेश बिंदल, कुलदीप कुमार गर्ग, आयुष बोर्ड के पूर्व चेयरमैन डॉ सुभाष शर्मा, मा. विजय सिंह, राजेंद्र गर्ग, नरेश गर्ग, सुरेश कुमार, रामावतार, विजय मोहन, अशोक कुमार, अतुल कुमार, नानूराम जिंदल, दिनेश मोहन, व्यापारी नेता संजय मित्तल, राकेश अग्रवाल, शिवचरण गर्ग, दिनेश गुल्लू जी, कमल कुमार, सुशील भाटिया, मुकेश चावला, मोरना ब्लाक प्रमुख अनिल राठी, गिरिराज महेश्वरी, अरुण खंडेलवाल, डॉ एमएल गर्ग, अजय जैन सीए, मनोज पुंडीर, संजय शर्मा ओमदेव सिंह, अनिल गर्ग आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।










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