मुजफ्फरनगर। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बढ़ते प्रकोप के बीच जिला प्रशासन ने मानवता की मिसाल पेश की है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) गजेंद्र कुमार और एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने गुरुवार की आधी रात को सड़कों पर उतरकर मोर्चा संभाला।
अभियान की मुख्य बातें-
सड़कों पर सर्च ऑपरेशन: भारी टीम के साथ अधिकारियों ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख चौराहों का बारीकी से निरीक्षण किया। फुटपाथ और खुले आसमान के नीचे सो रहे बेसहारा लोगों को प्रशासन ने अपनी देखरेख में सुरक्षित रैन बसेरों (Shelter Homes) में पहुँचाया।
पुरकाजी रैन बसेरे की सराहना: एडीएम गजेंद्र कुमार ने नगर पंचायत पुरकाजी के रैन बसेरे का औचक निरीक्षण किया। वहाँ चेयरमैन जहीर फारूकी द्वारा किए गए इंतजामों—जैसे नए कंबल, साफ बिस्तर और पीने के पानी की व्यवस्था—को देखकर एडीएम बेहद खुश हुए और उनके काम की सराहना की।
अधिकारियों की सख्त हिदायत: एडीएम ने साफ कहा कि रैन बसेरों की व्यवस्था केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी जरूरतमंद को ठंड में बाहर न सोना पड़े, इसके लिए टीमें पूरी रात मुस्तैद रहें।
अलाव व्यवस्था की जांच: टीम ने शहर के सार्वजनिक स्थानों पर जल रहे अलावों का भी जायजा लिया और निर्देश दिए कि नियमित रूप से लकड़ी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
जनता से अपील-
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कोई भी व्यक्ति खुले में सोता या ठंड से ठिठुरता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें ताकि उसे समय पर सुरक्षित आश्रय पहुँचाया जा सके।
इस विशेष अभियान के दौरान राजस्व विभाग और नगर पंचायत की टीमें पूरी रात एक्टिव मोड में रहीं।










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