मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन ने बिना रॉयल्टी के चल रहे ईंट भट्ठों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दो भट्ठों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई उपजिलाधिकारी सदर निकिता शर्मा के नेतृत्व में गठित राजस्व एवं प्रदूषण विभाग की संयुक्त टीम ने की। टीम ने 30 मई को पांच गांवों कानामहेड़ी, तिगरी, साजंक, हरसोली और तावली में भट्ठों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ भट्ठा संचालकों ने मौके पर ही रॉयल्टी जमा करा दी, जबकि दो भट्ठे बिना रॉयल्टी और प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाए गए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
कानमहेड़ी स्थित किसान ब्रिक्स फील्ड और साझंक का शिव शक्ति ब्रिक्स फील्ड, दोनों ने रॉयल्टी की अदायगी मौके पर की और दस्तावेज प्रस्तुत किए। वहीं तावली में स्थित ओम ट्रेडर्स और हरसौली के अलवी ब्रिक्स फील्ड को बिना रॉयल्टी और मानकों की अनदेखी पर सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बार-बार सूचना देने के बावजूद जब ओम ट्रेडर्स ने रॉयल्टी नहीं जमा की, तो कार्रवाई करना आवश्यक हो गया।
एसडीएम निकिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि अब बिना अनुमति और रॉयल्टी के कोई भी भट्टा नहीं चलेगा। भविष्य में नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में फैले इस एक्शन से अन्य भट्टा संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई ने दस्तावेजों की समीक्षा और रॉयल्टी जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रदूषण विभाग ने भी चेतावनी दी है कि पर्यावरण मानकों के उल्लंघन पर नियमित जांचें होंगी और दोषियों के खिलाफ लाइसेंस रद्दीकरण और भारी जुर्माने जैसी सख्त कार्रवाइयां होंगी। प्रशासन की इस सख्ती को राजस्व संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।










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