नई दिल्ली: 500 रुपये का नोट सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला नोट है। कुल नोटों में 41% हिस्सा इन्हीं नोटों का है। कीमत के हिसाब से इसका हिस्सा 86% है। इसका मतलब है कि ज्यादातर लोग 500 रुपये के नोट का इस्तेमाल कर रहे हैं। दूसरी तरफ, छोटे नोट जैसे 20, 50, 100 और 200 रुपये के नोट कम इस्तेमाल हो रहे हैं। सरकार चाहती है कि लोग छोटे नोटों का इस्तेमाल करें और डिजिटल पेमेंट करें। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में कहा था कि सरकार छोटे नोटों और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि छोटे नोटों का ज्यादा इस्तेमाल हो।
इस बीच यूट्यूब पर एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सरकार अगले साल मार्च से 500 रुपये के नोट को चरणबद्ध तरीके से बंद करने जा रही है। इससे लोगों में कनफ्यूजन पैदा हो रहा है। 12 मिनट के इस वीडियो को पांच लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। हालांकि सरकार का कहना है इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि 500 रुपये का नोट बंद होने जा रहा है। सरकार का कहना है कि आरबीआई ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।
सरकार की फैक्ट फाइंडिंग एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक डिवीजन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘500 रुपये के नोट को बंद नहीं किया गया है और यह लीगल टेंडर है। किसी भी न्यूज पर भरोसा करने से पहले या उसके शेयर करने से पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि की जानी चाहिए।’ अभी 500 रुपये का जो नोट चलन में है, उसके 2016 में नोटबंदी के बाद शुरू किया गया था। आरबीआई ने साथ ही 2,000 रुपये का नोट भी जारी किया था लेकिन उसे अब बंद कर दिया गया है।











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