मुजफ्फरनगर। मीरापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित मोरना शुगर मिल के विस्तारीकरण (Expansion) में हो रही देरी और क्षेत्र की अन्य समस्याओं को लेकर सोमवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। एक कार्यक्रम में शामिल होने बिजनौर जा रहे सांसद चंदन चौहान के काफिले को किसानों ने मोरना-भोपा मार्ग पर चीनी मिल के सामने रोककर जोरदार घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।
किसानों ने लगाए ‘जवाब दो’ के नारे-
मोरना शुगर मिल पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए किसानों और ग्रामीणों ने सांसद को घेर लिया और “विस्तारीकरण करो या जवाब दो” जैसे नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने भारी नाराजगी जताते हुए सांसद से कहा कि उन्हें विधायक और फिर बिजनौर से सांसद बनाने में मोरना चीनी मिल के विस्तारीकरण का मुद्दा एक प्रमुख कारण था, लेकिन अब इस पर कोई प्रगति नहीं हो रही है।
रविंद्र प्रधान अथाई जैसे स्थानीय किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मिल की क्षमता कम होने के कारण हर साल गन्ना तौल और भुगतान में भारी दिक्कतें आती हैं, जिसका समाधान केवल मिल के विस्तार से ही संभव है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने पाँच वर्षों से अधूरे पड़े मोरना-भोपा-मुज़फ्फरनगर मार्ग का निर्माण, क्षेत्र में रोजगारोन्मुखी उद्योगों की स्थापना और आमजन की समस्याओं को दूर करने की मांग भी की।
भाजपा नेता अमित राठी ने भी कहा कि अब जनता को केवल वादों से नहीं बहलाया जा सकता, धरातल पर सार्थक प्रयास की आवश्यकता है।
सांसद ने दी विस्तार की ‘शपथ’-
किसानों के घेराव और हंगामे के बाद असहज हुए सांसद चंदन चौहान ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने किसानों की नाराजगी को स्वीकार किया और आश्वासन दिया।
सांसद ने किसानों से साफ कहा, “मैं आपसे साफ कहता हूं, अगर मोरना शुगर मिल का विस्तारीकरण नहीं हुआ, तो मैं इस मिल में कदम नहीं रखूंगा।
सांसद ने भरोसा दिलाया कि 275 करोड़ रुपये की लागत से होने वाला यह विस्तार कार्य प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी के प्रयासों से शीघ्र शुरू कराया जाएगा। उन्होंने मिल के प्रधान प्रबंधक वी.पी. पाण्डेय से तकनीकी जानकारी भी ली और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की समस्या का समाधान कराने का वादा किया। लगभग एक घंटे तक चला यह हंगामा सांसद के इस भरोसे के बाद शांत हुआ।










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