मुज़फ्फरनगर। बकरीद (ईद-उल-अजहा) पर्व को शांतिपूर्वक मनाने के उद्देश्य से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसे प्रशासनिक अधिकारी संजय कुमार सिंह ने स्वीकार किया। ज्ञापन में AIMIM ने जिलेभर में सुरक्षा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
AIMIM के जिला अध्यक्ष मौलाना इमरान काजमी ने कहा कि बकरीद के मौके पर कुर्बानी के जानवरों की आवाजाही और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान शांति और भाईचारा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने अलीगढ़ की घटना का हवाला देते हुए कहा कि मोब लिंचिंग जैसी घटनाएं समाज में भय फैलाती हैं, इसलिए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पुलिस सुरक्षा बेहद ज़रूरी है।
उन्होंने कहा, “नालों और नालियों की सफाई केवल ऊपरी सतह पर न की जाए, बल्कि उनकी गहराई तक तली झाड़ सफाई कराई जाए। कुर्बानी के समय रक्त और अपशिष्ट नालियों में जाकर सड़कों पर न फैले, इसके लिए पुख्ता सफाई व्यवस्था होनी चाहिए।”
मौलाना इमरान कासमी ने आरोप लगाया कि कुछ संगठनों के लोग बकरीद के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। वे सड़कों पर मीट ले जा रहे लोगों को रोककर उनसे पैसे मांगते हैं और इंकार करने पर मारपीट कर झूठे आरोप लगाकर पुलिस को सौंप देते हैं। अलीगढ़ की घटना इसका ताजा उदाहरण है, जहां चार मुस्लिम युवकों को गोमांस के शक में पीटा गया।
AIMIM के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अरशद राणा ने कहा कि मुस्लिम बहुल इलाकों में पेयजल, बिजली और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद और विधायकों ने इन क्षेत्रों की उपेक्षा की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कुर्बानी के जानवरों की आवाजाही में बाधा न हो, इसके लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
अंत में AIMIM नेताओं ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि ईद-उल-अजहा के अवसर पर शांति, भाईचारा और सम्मान का वातावरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि त्योहार सभी समुदायों के बीच सौहार्द के साथ सम्पन्न हो सके।










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