लखनऊ। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर करारा प्रहार किया। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वीरांगना अवंती बाई लोधी जी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके सम्मान का दायित्व हर किसी का है, लेकिन सरकार के लोगों को विशेष तौर पर यह सम्मान करना चाहिए क्योंकि संसाधन उन्हीं के पास हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल इस तरह होना चाहिए कि उससे बेईमानी की कोई गुंजाइश न रहे। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि “जर्मनी की अदालत ने साफ कहा है कि अगर वोट ईवीएम से डाले जाएंगे तो यह असंवैधानिक होगा। अमेरिका में भी आज तक बैलेट से ही वोट पड़ते हैं। लेकिन जबसे भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई है, तभी से सबसे ज्यादा फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामले बढ़े हैं।”
बीजेपी की विचारधारा पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की कोई ठोस वैचारिक सोच नहीं है। उनकी सिर्फ एक ही विचारधारा है कि किसी भी तरह सत्ता की कुर्सी पर बने रहना है। उन्होंने आगे कहा कि “बीजेपी कभी भी यह स्वीकार नहीं कर सकती कि समाज के अलग-अलग वर्गों को अपनाया जाए और शामिल किया जाए। वे विपक्ष को दुश्मन की तरह मानते हैं, जबकि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अहम होती है।”
सपा सुप्रीमो ने बीजेपी पर हमला करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ बताया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सच को पहचानें और देश को गुमराह करने वाली राजनीति के खिलाफ खड़े हों।
अखिलेश यादव के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी उनकी इन तीखी आलोचनाओं का क्या जवाब देती है।









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