मुजफ्फरनगर। किसान नेता राकेश टिकैत ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर गहरा रोष व्यक्त किया है। गुरुवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ढाका की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की।
टिकैत के बयान की मुख्य बातें-
हिंसा की निंदा: बांग्लादेश में हिंदू युवक को पीट-पीटकर जलाने की घटना को टिकैत ने अमानवीय बताया। उन्होंने कहा कि वहां हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और भारत सरकार को इस गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
शरणार्थियों के मुद्दे पर दो टूक: हिंदुओं को भारत बुलाने की मांग पर टिकैत ने कहा, “किसी पूरे देश से आबादी को यहाँ बुलाकर बसाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। आज बांग्लादेश है, कल ईरान-इराक की बात होगी। सरकार को द्विपक्षीय संबंधों का इस्तेमाल कर वहीं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करानी चाहिए।”
बॉर्डर सुरक्षा पर सवाल: टिकैत ने सीमा नियंत्रण में ढील पर चिंता जताते हुए कहा कि ‘ओपन बॉर्डर’ के कारण स्थिति बेकाबू हो रही है। उन्होंने बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाने और घुसपैठ रोकने की वकालत की।
स्मार्टफोन पाबंदी का विरोध: राजस्थान की पंचायतों द्वारा महिलाओं पर एंड्रॉयड फोन के प्रतिबंध पर उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा और काम के लिए स्मार्टफोन अनिवार्य है। बच्चों की पढ़ाई मोबाइल पर निर्भर है, इसलिए इसे प्रतिबंधित करना गलत है।
राकेश टिकैत का यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक दबाव बनाने की सलाह दी है।










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