बागपत। हिंडन नदी में दूषित पानी जाने से रोकने के लिए उसके किनारे के 23 गांवों का बजट बढ़ाया जाएगा। इसके लिए करीब 17 लाख 25 हजार रुपये का बजट बढ़ेगा। इसके लिए मेरठ मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने डीएम को पत्र भेजकर इसे पंचायतीराज विभाग की कार्य योजना में शामिल कराया है।
हिंडन नदी में आसपास के गांवों का दूषित पानी भी जाता है। इससे उसमें प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके अलावा वहां आसपास लगी फैक्टरी व लघु उद्योगों का दूषित पानी भी हिंडन में छोड़ा जाता है। इन सभी कारणों को देखते हुए दूषित पानी के हिंडन नदी में जाने से रोक लगाने की योजना बनाई गई हैं। जहां फैक्टरी व लघु उद्योगों के दूषित पानी को रोकने की उनके संचालकों की जिम्मेदारी होगी।
वहीं गांवों के दूषित पानी को रोकने की जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग को सौंपी गई हैं। इसके लिए मेरठ मंडलायुक्त ने डीएम व सीडीओ को कार्य योजना तैयार कराकर पत्र भेजा है। उसको पंचायतीराज की अगले वित्तीय वर्ष की कार्य योजना में शामिल करने के लिए कहा गया है।
हिंडन किनारे के हर गांव के लिए फिलहाल 75-75 हजार रुपये अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। इसमें पौधों व सूक्ष्म जीवों के सहारे पानी का प्रदूषण कम करने पर रुपये बजट खर्च होगा। इसके अलावा दूषित पानी का उत्सर्जन कम करने का प्रयास किया जाएगा और इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
तमेलागढ़ी, झूंडपुर, खपराना, शाहपुर बाणगंगा, बरनावा, शेखपुरा, गल्हैता, चिरचिटा, मवीकलां, मवीखुर्द, पुरा महादेव, बालैनी, हबीबपुर नंगला, डौलचा, घटौली, मुकारी, कहरका, ललियाना, गौना, शरफाबाद, फुलैरा, पूरनपुर नवादा, गढ़ी कलंजरी को अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव किया गया है।
इस संबंध में पत्र मिला है और उसके आधार पर कार्य योजना बनाई गई हैं। लोगों को अलग से जागरूक भी किया जाएगा कि वह पानी को दूषित न करें और हिंडन में पानी न छोड़ा जाए।











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