आगरा: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) इस गर्मी में उपभोक्ताओं पर एक और बोझ डालने की तैयारी में है. बिजली की कटौती से पहले से परेशान जनता को अब 30% तक बढ़ी हुई बिजली दरों का सामना करना पड़ सकता है. अगर यह प्रस्ताव पारित होता है, तो इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा.
न्यूज़ 18 लोकल की टीम ने जब शहरवासियों से इस मुद्दे पर बातचीत की, तो अधिकतर लोगों ने नाराजगी जताई. उनका कहना था कि गर्मी के मौसम में पंखा, कूलर और फ्रिज जैसे उपकरणों के चलते बिजली की खपत पहले से ही ज्यादा होती है. ऐसे में बिल में 30% तक की बढ़ोतरी करना आम आदमी के बजट को पूरी तरह बिगाड़ देगा.
शहरवासियों ने यह भी कहा कि प्राइवेट कंपनियां पहले से ही ऊँचे दामों पर बिजली मुहैया करा रही हैं और यदि UPPCL दरें बढ़ाता है, तो प्राइवेट कंपनियों बिजली की कीमत बढ़ाएंगी. इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा.
लोगों का कहना है कि यूपी में पहले से ही बिजली कटौती एक बड़ी समस्या है. सरकार को सबसे पहले इस समस्या से निपटना चाहिए, फिर दरों में वृद्धि पर विचार करना चाहिए. एक उपभोक्ता ने कहा, “हम पहले ही महंगी बिजली और कटौती दोनों से जूझ रहे हैं अब 30% बढ़ी दरें हमारी स्थिति और खराब कर देंगी.”
बिजली दर बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ने की आशंका है. किसान सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर रहते हैं. पहले से ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति अनियमित है. ऐसे में दरें बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हो जाएगी.
जनता का एक बड़ा वर्ग मानता है कि सरकार को पारंपरिक बिजली के विकल्प के रूप में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए. लोगों का कहना है कि सौर ऊर्जा पर सब्सिडी दी जाए और इसे गांव-शहर हर जगह उपलब्ध कराया जाए, जिससे बिजली की निर्भरता और दरों दोनों को संतुलित किया जा सके.











Discussion about this post