हिसार : हरियाणा के हिसार की 34 वर्षीय ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा, जो अपने यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो’ के जरिए लाखों फॉलोअर्स के बीच मशहूर थी, को 16 मई 2025 को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. हरियाणा पुलिस की एंटी-एस्पियनेज विंग ने ज्योति को हिसार के न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया और पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया. जांच में ज्योति की लग्जरी लाइफस्टाइल और संदिग्ध आय के स्रोतों ने पुलिस का ध्यान खींचा है. फर्स्ट क्लास ट्रैवल, महंगे होटल और विदेशों में VIP ट्रीटमेंट की उनकी जीवनशैली उनकी सामान्य आय से मेल नहीं खाती, जिससे पुलिस का शक गहरा गया है. आइए जानते हैं कि ज्योति मल्होत्रा किस तरह की लग्जरी जिंदगी जीती थी और जांच में क्या खुलासे हुए हैं.
ज्योति मल्होत्रा, जिनके यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो’ पर 3.77 लाख सब्सक्राइबर्स और इंस्टाग्राम पर 1.32 लाख फॉलोअर्स हैं, अपनी ट्रैवल व्लॉग्स में एक ग्लैमरस और शानदार जीवनशैली दिखाती थीं. वह हमेशा फर्स्ट क्लास में हवाई यात्रा करती थीं, पांच सितारा होटलों में ठहरती थीं और महंगे रेस्तरां में भोजन करती थीं. उनकी सोशल मीडिया पोस्ट्स में पाकिस्तान, चीन, इंडोनेशिया, भूटान और नेपाल जैसे देशों की यात्राएं दिखाई गई हैं. खास तौर पर पाकिस्तान में उनकी यात्राओं के दौरान उन्हें VIP ट्रीटमेंट मिला, जिसमें लाहौर में शानदार आवास और लग्जरी गाड़ियों की सुविधा शामिल थी. एक पोस्ट में उन्होंने लाहौर को “इश्क लाहौर” कहकर संबोधित किया और वहां के बाजारों, मंदिरों, और रमजान फूड टूर को दिखाया. पुलिस के अनुसार, उनकी 2023 की दो पाकिस्तान यात्राएं और एक पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी के साथ बाली, इंडोनेशिया की यात्रा संदिग्ध है.
ज्योति, जो हिसार में 55 गज के मकान में रहती हैं और जिनके पिता हरियाणा बिजली वितरण विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी हैं, पहले गुरुग्राम में 20,000 रुपये मासिक की नौकरी करती थीं. कोविड-19 महामारी के दौरान नौकरी छूटने के बाद उन्होंने 2021 में ट्रैवल व्लॉगिंग शुरू की. उनकी आय का मुख्य स्रोत यूट्यूब और सोशल मीडिया था लेकिन पुलिस का कहना है कि उनकी लग्जरी जीवनशैली उनकी यूट्यूब कमाई से कहीं ज्यादा थी. जांच में पता चला कि ज्योति को पाकिस्तान में VIP ट्रीटमेंट और वित्तीय मदद मिल रही थी, संभवतः पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से. वह अपने हैंडलर्स के संपर्क में व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए थीं और उनके फोन में “जट्ट रंधावा” जैसे फर्जी नामों से नंबर सेव किए गए थे.
ज्योति ने 2023 में पहली बार कमीशन एजेंट्स के जरिए वीजा लेकर पाकिस्तान की यात्रा की, जहां उनकी मुलाकात पाकिस्तान हाई कमीशन के अधिकारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई. दानिश, जिसे 13 मई 2025 को भारत सरकार ने “पर्सोना नॉन ग्राटा” घोषित कर निष्कासित किया, ने ज्योति को ISI के अन्य अधिकारियों, जैसे अली अहवान, शाकिर, और राणा शहबाज से मिलवाया. ज्योति ने कथित तौर पर भारतीय सेना की गतिविधियों और स्थानों की संवेदनशील जानकारी इनके साथ साझा की. वह एक ISI अधिकारी के साथ गहरे व्यक्तिगत संबंधों में भी थी और उसके साथ बाली गई थी.
हरियाणा पुलिस ने ज्योति को ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 की धारा 3, 4, और 5, और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के तहत गिरफ्तार किया. उनके मोबाइल और लैपटॉप की फोरेंसिक जांच चल रही है और बैंक खातों की जांच से संदिग्ध लेनदेन का पता लगाया जा रहा है. हिसार के डीएसपी कमलजीत सिंह ने बताया कि ज्योति ने अपनी गलती कबूल की है और मामला हिसार के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग को सौंपा गया है. यह हरियाणा और पंजाब में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसमें छह लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.
ज्योति की गिरफ्तारी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के दुरुपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं. उनकी व्लॉग्स में पाकिस्तान की सकारात्मक छवि बनाने की कोशिश को पुलिस प्रोपेगैंडा का हिस्सा मान रही है. सोशल मीडिया पर लोग उनकी लग्जरी लाइफ और जासूसी कनेक्शन पर हैरानी जता रहे हैं. ज्योति मल्होत्रा की कहानी एक साधारण यूट्यूबर से जासूस बनने की चौंकाने वाली सैर है. उनकी लग्जरी जिंदगी, जिसमें फर्स्ट क्लास यात्राएं, महंगे होटल, और VIP ट्रीटमेंट शामिल थे, अब जांच के दायरे में है. यह मामला न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल को भी उजागर करता है. हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य कनेक्शनों की जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है.











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