मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पुलिस विभाग पर एक गंभीर आरोप सामने आया है, जिसने पुलिस में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। आरोप है कि स्थानीय पुलिसकर्मियों ने थाना शाहपुर क्षेत्र के हरसोली गांव में स्थित शिव मंदिर के पुजारी महंत सुखराम महाराज से दान के पैसे की रंगदारी वसूली गई।
महंत सुखराम महाराज ने बताया कि गांव के एक पूर्व प्रधान के कहने पर वे थाना शाहपुर के प्रभारी से मिलने गए थे, जहां उनसे कथित तौर पर ₹1.5 लाख की मांग की गई। डर और दबाव में आकर महंत ने ₹31,000 थाना प्रभारी को दे दिए। इसके बाद चौकी प्रभारी ने भी चौकी के जीर्णोद्धार के नाम पर ₹20,000 की मांग की।
पुजारी का आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने मंदिर के दान से ₹25,000 की वसूली कर अपने खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाया और उसी धन से एसी (AC) खरीदा गया। इतना ही नहीं, पुजारी ने बताया कि मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में इन सब घटनाओं की रिकॉर्डिंग थी, लेकिन पुलिस कर्मी वो डीवीआर उठा ले गए, जो अब तक वापस नहीं की गई।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि एक पुलिसकर्मी रोज़ मंदिर से दान के पैसे से शराब मंगवाता था, और पुजारी के खाते से सीधे शराब ठेके के सेल्समैन के खाते में पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे।
इस घटना की जानकारी जब नाथ संप्रदाय के संतों को हुई तो वे आक्रोशित होकर मंदिर में धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने भी संतों का समर्थन करते हुए पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई, जिसके बाद सीओ बुढ़ाना को जांच सौंपी गई है।
ग्रामीणों और संतों ने पुलिस की इस हरकत की कड़ी निंदा की है। योगी सरकार में थानों और तहसीलों में भ्रष्टाचार की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन यह पहली बार है जब पुलिस पर मंदिर से चंदे का धन वसूलने का मामला प्रकाश में आया है। अब देखना यह होगा कि इस प्रकरण में उच्चाधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।










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