नई दिल्ली : ट्रैवल विद जो के नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाली ज्योति मल्होत्रा को पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. ज्योति पर आरोप है कि कि उसने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई तक भारतीय सेना से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां पहुंचाई. ज्योति की करतूत ने लोगों के जहन में एक बार फिर उस जासूस के नाम को जिंदा कर दिया है, जिसने पाकिस्तान की धरती से भारत को धोखा दिया और आईएसआई के लिए कई भारतीय जिंदगियों की मौत का सबस बन गई.
दरअसल यह कहानी है माधुरी गुप्ता नाम की एक पाकिस्तानी जासूस की. माधुरी गुप्ता कोई सोशल मीडिया स्टार नहीं थीं. वह एक अनुभवी राजनयिक थीं, जो इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में प्रेस और सूचना विभाग की दूसरी सचिव थीं. उनकी कहानी ज्योति से बिल्कुल अलग है, पर बेहद चौंकाने वाली है. यह बात 2010 की बात है, जब दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने माधुरी को ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया. उन पर आरोप था कि उन्होंने भारत की रक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को दी.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्रा रही माधुरी गुप्ता ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय विदेश सेवा को करियर के लिए चुना. इराक, लाइबेरिया, मलेशिया और क्रोएशिया जैसे देशों में माधुरी ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. उर्दू भाषा पर जबरदस्त पकड़ के चलते 2007 में माधुरी को इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में द्वितीय सचिव (प्रेस और सूचना) के रूप में तैनात किया गया. उनसा काम पाकिस्तानी मीडिया को स्कैन करना और भारत के लिए महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स तैयार करना था.











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