नई दिल्ली : होली पूरे देश में हर्ष और उल्लास के साथ मनाई जाती है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। परंपरा के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है और अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। इस साल होली पर भद्रा का साया भी रहेगा, जिससे लोग सही मुहूर्त को लेकर चिंतित हैं।
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 13 मार्च को सुबह 10:35 बजे शुरू होगी और 14 मार्च को दोपहर 12:23 बजे समाप्त होगी। इसलिए होलिका दहन 13 मार्च 2025 को किया जाएगा।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
होलिका दहन के लिए भद्रा मुक्त प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि को सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस साल 13 मार्च को भद्रा पूंछ शाम 6:57 से रात 8:14 तक रहेगा, उसके बाद भद्रा मुख रात 10:22 तक चलेगा।
शुभ मुहूर्त:
– रात 11:26 से देर रात 12:30 बजे तक (लगभग 1 घंटे) होलिका दहन के लिए सबसे उपयुक्त समय होगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार, रंगों की होली 14 मार्च 2025 (शुक्रवार) को मनाई जाएगी।
हिंदू धर्म में भद्रा को अशुभ माना जाता है और इस दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन हैं और उनका स्वभाव क्रोधी होता है। भद्रा के दौरान होलिका दहन करने से अनिष्ट होने की आशंका रहती है, इसलिए शुभ मुहूर्त में ही होलिका दहन करना चाहिए। इस बार होली के त्योहार को और भी शुभ बनाने के लिए सही समय का ध्यान रखना जरूरी है।











Discussion about this post