बागपत। यूपी और हरियाणा के किसानों के बीच सीमा विवाद का जख्म करीब 56 साल पुराना है, जो 1968 से चला आ रहा है। इस जख्म से सबसे ज्यादा बागपत के किसान पीड़ित हैं, लेकिन आज तक किसी ने इस पर मरहम नहीं लगाया। यमुना खादर की जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच लगातार टकराव होता रहता है और कई किसानों की जान भी जा चुकी है। मुकदमे बाजी भी चल रही है। चुनाव में समस्या के समाधान का आश्वासन भी नेताओं से मिलता है। मगर समस्या आज भी ज्यो की त्यों खड़ी है, जिसके चलते किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए दिन रात हाथों मे डंडे लेकर यमुना खादर मे पहरा लगा रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन हर बार मामले की जांच कराकर दोनों प्रदेशों के किसानों की आपस मे बात कराने की बात कहकर इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल देता है।
यूपी और हरियाणा के किसानों की करीब 17730 बीघा जमीन यमुना खादर में सीमा विवाद में फंसी है। फसल की बुआई और कटाई के समय दोनों राज्यों के किसानों के बीच विवाद होता है। जिले के बागपत, निवाड़ा, सिसाना, गौरीपुर जवाहरनगर, नैथला, फैजपुर निनाना, लुहारी, कोताना, खेड़ी प्रधान, खेड़ा इस्लामपुर, छपरौली, टांडा, काकौर, बदरखा, जागौस, काठा, पाली, नंगला बहलोलपुर, मवीकलां, सुभानपुर, सांकरौद आदि गांव सीमा विवाद से प्रभावित हैं। इनका हरियाणा के सोनीपत के बेगा, चंदौली, पबनेरा, ग्यासपुर, मीमारपुर, जैनपुर, टिकौला, नांदनौर, असदपुर, गढ़मिर्कपुर, मनौली, दहीसरा, भैरा बांकीपुर आदि गांवों से विवाद चल रहा है।
इस कड़ी मे अब छपरौली क्षेत्र के नांगल गांव का भी नाम जुड़ गया है। नागल के किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए दिन रात अपने खेतों पर पहरा देने को मजबूर हैं। नांगल के किसानों का कहना है कि हरियाणा की तरफ से किसान आते हैं और उत्तर प्रदेश के किसानों की पकी पकाई फसल को लूटकर ले जाते हैं और बाकि फसलों को बर्बाद कर देते हैं। इसी कारण नांगल के किसान अब अपनी फसलों को बचाने के लिए दिन रात खेतो मे पहरा दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि हरियाणा के किसानों के साथ वहां का प्रसाशन आता है, जबकि बागपत का प्रसाशन हमारी कोई मदद नहीं करता। नांगल के किसानों का कहना है कि यदि इस बार भी हरियाणा ने हमारी फसलों को लूट लिया तो उनके भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। ऐसे मे उन्हें खुदखुशी जैसा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ेगा।
वहीं डीएम अस्मिता लाल ने बताया कि बागपत में 27 गांवों की सीमा हरियाणा से लगाती हुई है। जगह-जगह पर सीमा विवाद की स्थिति किसानों के बीच होती है। बागपत प्रशासन सभी मामले को देखते हुए गंभीर है और अलर्ट पर है। हरियाणा प्रशासन से भी बात की जा रही है और सीमा विवाद का निस्तारण किया जाएगा।











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