मुजफ्फरनगर। गौ सेवा के लिए समर्पित अनु पहलवान ने आज एक अनूठी मिसाल कायम की है। हरिद्वार से 201 लीटर पवित्र गंगा जल लेकर कांवड़ यात्रा शुरू करने वाली अनु पहलवान पिछले एक महीने से यह कठिन यात्रा कर रही थीं। उनका उद्देश्य केवल आस्था प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि गौ माता को राष्ट्रीय गौ माता का दर्जा दिलवाने के लिए सरकार तक एक सशक्त संदेश पहुंचाना भी है।
बचपन से गौ सेवा में लगे अनु पहलवान ने यह पावन गंगाजल हर की पौड़ी हरिद्वार से लेकर नोएडा के गांव धनोता के शिवालयों तक पहुंचाया है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने आस्था, परंपरा और समाज सेवा को एक साथ जोड़ने का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुजफ्फरनगर के गौ सेवक निशु धीमान ने 201 लीटर की कलश कांवड़ यात्रा लाने वाले अनु पहलवान को सम्मान स्वरूप तस्वीर भेंट की। उल्लेखनीय है कि निशु धीमान पिछले 20 दिनों से अपने पैरों में जूते या चप्पल नहीं पहन रहे हैं और उनकी मांग है कि गौ माता के खिलाफ अपशब्द बोलने वाली डॉक्टर सुधीर श्रीवास्तव को सस्पेंड किया जाए, तब तक वह अपने पैरों में जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे।
हरिद्वार की पवित्र धरती से उठाया गया यह गंगाजल और अनु पहलवान का संकल्प – “गौ माता को राष्ट्रीय सम्मान मिले”। छह मई को हर की पौड़ी से शुरू हुई यह कांवड़ यात्रा आज मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर पहुंची, जहाँ शहरवासियों ने इसका भव्य स्वागत किया और आतिशबाजी से आसमान रोशन कर दिया।
अनु पहलवान का यह प्रयास केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक संदेश भी है कि हमारी गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए। यह आह्वान हमारी परंपराओं और आस्थाओं को मान्यता दिलाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।










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