नई दिल्ली। वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने विपक्षी दलों पर करारा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने खासकर डीएमके (DMK) नेताओं की मंशा पर सवाल खड़े किए और कहा कि कई मुद्दे केवल चुनावों तक ही सीमित होते हैं।
जयंत चौधरी ने कहा, “”चुनाव के दौरान कई बातें कृत्रिम रूप से सामने लाई जाती हैं, लेकिन जैसे ही परिणाम आते हैं, सबकी असली नीयत खुलकर सामने आ जाती है। मेरा प्रश्न डीएमके नेताओं से है कि क्या वे देश को बांटना चाहते हैं? क्या वे हमारे बच्चों की उपेक्षा करना चाहते हैं, जो अन्य राज्यों में पढ़ाई और काम करने जाते हैं? क्या वे भारत की संस्कृति, एकता और नागरिकता को कमजोर करना चाहते हैं? और क्या वे बिहार की जनता का अपमान करना चाहते हैं? इन सब बातों के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने जेल व्यवस्था और उसके उद्देश्य पर भी अपने विचार रखे। जयंत चौधरी ने कहा कि जेल का मकसद केवल अपराधियों को उम्रभर बंद रखना नहीं है, बल्कि उनका पुनर्वास भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा, “”जेल का असली उद्देश्य यह नहीं है कि कोई व्यक्ति हमेशा के लिए कैद में रहे। इसका असली मकसद है कि अपराधी को समाज में वापस लाया जाए, उसे आजीविका मिले और उसके सामने नई राह खोली जाए, ताकि वह अपनी पुरानी गलतियों से आगे बढ़ सके।
जयंत चौधरी ने कहा कि अगर समाज और सरकार मिलकर कैदियों के पुनर्वास की दिशा में काम करें तो अपराध दर में कमी आएगी और देश में एकता और विकास को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें। उन्होंने कहा कि वोट डालना केवल अधिकार ही नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी है।
राजनीतिक हलकों में उनके इस बयान को डीएमके पर सीधा हमला माना जा रहा है, वहीं उनके जेल सुधार संबंधी विचारों को समाज सुधार की दिशा में एक अहम पहल बताया जा रहा है।











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