मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में रविवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित ‘भारत एकता मिशन’ कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पाल समाज के लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने मौजूदा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “आज सरकार की नीतियां गरीब, किसान, मजदूर विरोधी बन गई हैं। सरकारी प्राथमिक स्कूल बंद कराए जा रहे हैं, जहां किसान-मजदूरों के बच्चे पढ़ते हैं। क्या यह गरीबों को शिक्षा से वंचित करने की साजिश नहीं?”
उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी की सदस्यता लेना, मौजूदा तानाशाही सरकार के खिलाफ विद्रोह की शुरुआत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र और कानून अब जाति आधारित हो गया है, जहां आरोपियों को जाति देखकर बचाया जा रहा है और पीड़ितों को जेल भेजा जा रहा है।
विनय रतन ने कुशीनगर की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पाल समाज की नाबालिग बच्ची से रेप का आरोपी जब जेल गया और पता चला कि वह ब्राह्मण है, तो यूपी के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के हस्तक्षेप से 24 घंटे में मुकदमा ही खारिज करवा दिया गया और पीड़ित परिवार को ही जेल भेज दिया गया।
उन्होंने मौजूदा सामाजिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में पत्रकारों की हत्या हो रही है, जो आवाज उठाता है उसकी आवाज बंद कर दी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार मनुस्मृति के अनुसार शासन चला रही है, न कि संविधान के अनुसार।
विनय रतन ने कावड़ यात्रा के दौरान धार्मिक सद्भाव पर बल देते हुए कहा कि 70% कावड़ियों की सेवा मुस्लिम समाज करता है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस देश में फूट डालने का काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम में उन्होंने व्यापारियों और आम जनता से आह्वान किया कि यदि कावड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या राजनीतिक परेशानी हो, तो वे भीम आर्मी से संपर्क करें, जो हर मोर्चे पर उनके साथ खड़ी है।
नेम प्लेट विवाद और बहुजन आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशों पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह सभी साजिशें बहुजन राजनीति को कमजोर करने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि “हम डरने वाले नहीं हैं, आंदोलन अब और तेज होगा। चंद्रशेखर आज़ाद पर आरोप बहुजन आंदोलन को तोड़ने की कोशिश है।”










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