मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में यातायात व्यवस्था को सुचारू करने और अनाधिकृत रूप से चल रही ई-रिक्शाओं पर लगाम लगाने के लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से एक बड़ा अभियान शुरू किया है। यह अभियान एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलेगा और पहले ही दिन करीब 70 अनाधिकृत ई-रिक्शाओं को जब्त किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर और जिले भर में जाम की समस्या को नियंत्रित करना, यातायात व्यवस्था को बेहतर करना और नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाने पर रोक लगाना है।
अभियान की शुरुआत के साथ ही यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की टीमों ने अनाधिकृत ई-रिक्शाओं को चिन्हित कर उनकी जब्ती शुरू कर दी। पहले दिन की कार्रवाई में लगभग 70 ई-रिक्शों को सीज किया गया। यह कार्रवाई शहर के प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में की गई, जहां ई-रिक्शों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है। इसके साथ ही, जब्त किए गए ई-रिक्शों और उनके चालकों के वैरिफिकेशन का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
वैरिफिकेशन और नियमों का सख्ती से पालन एसपी यातायात अतुल चौबे ने बताया कि इस अभियान के तहत हर ई-रिक्शा चालक को अपने संबंधित थाने में जाकर वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। चालकों को अपने कागजात और पहचान पत्र (आईडी) के साथ थाने में उपस्थित होना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक ई-रिक्शा पर चालक को पीली पट्टी पर काले रंग से अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखना होगा। यह कदम चालकों की पहचान सुनिश्चित करने और नियमों का पालन कराने के लिए उठाया गया है।
पूरे जिले में अभियान का दायरा एसपी यातायात ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मुजफ्फरनगर जिले में चलाया जा रहा है। अभियान का लक्ष्य यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना, जाम की समस्या पर काबू पाना और नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकना है। उन्होंने कहा कि अनाधिकृत ई-रिक्शों के कारण सड़कों पर अव्यवस्था फैलती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, जिसे इस अभियान के जरिए नियंत्रित किया जाएगा।










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