नई दिल्ली। देश के पाँच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में गणना कार्य की व्यापकता को देखते हुए समयसीमा में विस्तार किया गया है। अब यूपी के मतदाता 26 दिसंबर तक अपना सत्यापन कार्य पूरा करवा सकेंगे।
यूपी में मिला दो सप्ताह का अतिरिक्त समय-
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने आयोग से दो सप्ताह के अतिरिक्त समय की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। पहले यह समयसीमा आज समाप्त हो रही थी। अब जिला चुनाव अधिकारी और बीएलओ मृत, स्थानांतरित और लापता मतदाताओं का पुनः सत्यापन (Re-verification) अधिक सटीकता से कर सकेंगे। डेटा के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 99.24 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।
किस राज्य को मिला कितना समय?
उत्तर प्रदेश: अब 26 दिसंबर तक बढ़ी समयसीमा।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार: यहाँ 18 दिसंबर तक प्रक्रिया जारी रहेगी।
तमिलनाडु और गुजरात: यहाँ फॉर्म भरने के लिए 14 दिसंबर तक का समय दिया गया है।
क्यों जरूरी है एसआईआर (SIR)?
एसआईआर का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह ‘क्लीन’ और पारदर्शी बनाना है। इसके तहत:
मृत या अन्य स्थान पर शिफ्ट हो चुके मतदाताओं के नाम हटाना।
एक ही व्यक्ति के दो जगह दर्ज (डुप्लीकेट) नाम हटाना।
18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए पात्र युवाओं के नाम जोड़ना।
फर्जी मतदान की संभावना को पूरी तरह खत्म करना।
चुनौतियों के कारण बढ़ी तिथि-
सत्यापन का कार्य घर-घर जाकर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) कर रहे हैं। चूंकि कई बीएलओ शिक्षक या अन्य सरकारी सेवाओं में हैं, इसलिए सीमित समय में घनी आबादी वाले क्षेत्रों का सत्यापन करना एक बड़ी चुनौती थी। आयोग का मानना है कि ‘सटीक मतदाता सूची’ लोकतंत्र की प्राथमिकता है, इसलिए अतिरिक्त समय देना आवश्यक है।
अपील: नागरिक अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर सत्यापन प्रक्रिया सुनिश्चित करें। अधिक जानकारी के लिए भारतीय चुनाव आयोग या जिले की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। 14 फरवरी 2026 को अंतिम संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।











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