बिहार। बिहार का विधानसभा चुनाव जैसे- जैसे नजदीक आता जा रहा है. वैसे- वैसे बिहार का सियासी पारा अब धीरे- धीरे हाई होने लगा और इसी के साथ अब राजनीति दलों की ओर से धीरे- धीरे सीटों की डिमांड अब सामने आने लगी है … क्योंकि इस बार बिहार के लगभग सभी राजनीतिक किसी न किसी गठबंधन में शामिल हैं चाहे वो एनडीए में हों या फिर महागठबंधन में हों और इसीलिए अब वो इस बात का दावा करना शुरू कर दिए हैं कि उनको कितनी सीटों पर लड़ना चाहिए .इसी बीच हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, “.आम लोगों की मांग भी है और मैं भी कहता हूं कि हमारी पार्टी को मान्यता दिलाने के लिए NDA के मन में अगर हमारे लिए सहानुभूति है तो हमें कम से कम 20 सीटें बिहार विधानसभा चुनाव में दें, अब इसी के साथ जीतनराम मांझी ने साफ कर दिया है कि वो कितनी सीट चाहते हैं .इस पूरे मामले पर आखिर जीतनराम मांझी ने कहा क्या है आप खुद सुनिए उन्हीं जुबानी।
आपको बता दें कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में यदि उनकी पार्टी के 20 विधायक जीतकर आते हैं, तो राज्य में लड़कियों को एमए तक की मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। महिलाओं को हुनरमंद बनाने के लिए तकनीकी शिक्षा भी मुफ्त दी जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। केंद्रीय मंत्री मांझी ने बताया कि उनकी पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलने पर उनकी पार्टी महिलाओं को गरीबों की सूची में रखकर उनके लिए विशेष योजनाएं लाएगी। महिलाएं यदि शिक्षित और हुनरमंद होंगी, तो समाज और राज्य से गरीबी दूर होगी। मांझी ने कहा कि अगर महिलाओं को मुफ्त शिक्षा देने का प्रस्ताव पूर्व में ही मान लिया गया होता, तो आज बिहार की 75 प्रतिशत महिलाएं शिक्षित होतीं।
हालांकि, उन्होंने इस बात के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना भी की कि उन्होंने महिलाओं और लड़कियों को आगे बढ़ाने के प्रयास किए। मांझी ने दलितों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें रहने के लिए जगह नहीं मिल रही है। आवास योजना के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन इससे वंचित लोगों के सही ढंग से रहने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि उनकी योजना गरीबों के लिए पांच लाख से कम कम लागत में दो कमरे, एक किचन, एक बाथरूम और पशुओं के लिए जगह से युक्त मकान बनाने की है।










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