ढाका। बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। सोमवार को दक्षिण-पश्चिमी शहर खुलना में अज्ञात बंदूकधारियों ने नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के कद्दावर युवा नेता और ऐतिहासिक छात्र विद्रोह के प्रमुख चेहरों में से एक, मोहम्मद मोतालेब सिकदर के सिर में गोली मार दी। यह हमला ठीक उसी पैटर्न पर किया गया है जिस तरह कुछ दिन पहले शरीफ उस्मान हादी की हत्या हुई थी।
हमले का विवरण: सरेआम मारी गोली-
एनसीपी की जॉइंट प्रिंसिपल कोऑर्डिनेटर महमूदा मिटू ने सोशल मीडिया के जरिए इस हमले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मोहम्मद मोतालेब सिकदर, जो पार्टी के खुलना डिवीजन हेड और वर्कर्स फ्रंट के सेंट्रल कोऑर्डिनेटर हैं, पर सोमवार को घात लगाकर हमला किया गया। बंदूकधारियों ने उनके सिर को निशाना बनाकर गोली मारी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादी हत्याकांड की पुनरावृत्ति?
यह घटना 12 दिसंबर को ढाका में हुए शरिफ उस्मान हादी हत्याकांड की याद दिलाती है। हादी को भी बिजयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारी गई थी। 32 वर्षीय हादी की इलाज के दौरान सिंगापुर में मौत हो गई थी। सिकदर और हादी दोनों ही बांग्लादेश में हुए छात्र नेतृत्व वाले विद्रोह के प्रमुख स्तंभ माने जाते थे।
चुनावों से पहले बढ़ता तनाव-
बांग्लादेश में फरवरी 2025 में आम चुनाव होने प्रस्तावित हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं और संभावित उम्मीदवारों को निशाना बनाए जाने से देश में डर का माहौल है। शरीफ उस्मान हादी खुद फरवरी के चुनावों के लिए उम्मीदवार थे, और अब सिकदर पर हुए हमले ने चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
यूनुस सरकार की बढ़ी मुश्किलें-
डॉ. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने हादी की मौत पर शोक दिवस मनाया था और दोषियों को कड़ी सजा देने का वादा किया था। लेकिन लगातार हो रहे इन हमलों ने साबित कर दिया है कि राजधानी ढाका से लेकर खुलना तक सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। हादी की मौत के बाद ढाका में हिंसक प्रदर्शन हुए थे, और अब सिकदर पर हुए हमले के बाद देश में फिर से विद्रोह की आग सुलगने की आशंका है।











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