मुजफ्फरनगर। कावड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कावड़ मार्ग पर स्थित होटलों और ढाबों का निरीक्षण किया। यह अभियान सहायक आयुक्त खाद्य अर्चना धीरान के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें सभी होटलों और ढाबों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप का क्यूआर कोड चिपकाने का काम भी किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, खाने की गुणवत्ता, और होटल के लाइसेंस की जांच की। साथ ही ग्राहक संतुष्टि फीडबैक के लिए QR कोड लगाने का अभियान भी तेजी से चलाया जा रहा है, ताकि ग्राहक अपने अनुभव को डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकें।
सहायक आयुक्त अर्चना धीरन ने बताया कि फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप से ग्राहकों को न केवल होटल या ढाबे का लाइसेंस संबंधी जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अपनी शिकायतें भी सीधे विभाग तक पहुंचा सकते हैं। शिकायतों का निस्तारण खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। यह ऐप ग्राहक और दुकान मालिक दोनों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है, क्योंकि इससे वे अपने लाइसेंस की वैधता और अन्य जानकारियां ऑनलाइन देख सकते हैं।
इस अभियान की शुरुआत करीब डेढ़ महीने पहले हो चुकी है, और कावड़ यात्रा के दौरान इसे और भी प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने कड़ी निगरानी रखी है कि कहीं QR कोड हटाया या खराब तो नहीं हो गया। यदि ऐसा पाया जाता है तो तत्काल नया QR कोड लगाया जाता है।
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने भी मेरठ में दिए निर्देशों के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी ही होटलों की जांच कर सकें और कोई अन्य व्यक्ति इस कार्य में हस्तक्षेप न करे।
कावड़ मार्ग पर खाद्य सुरक्षा विभाग की यह पहल न केवल खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि यात्रियों और आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मददगार साबित होगी।










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