सहारनपुर/नई दिल्ली। दिल्ली से देहरादून के बीच का सफर अब बेहद आसान और रोमांचक होने जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि 210 किलोमीटर लंबा, 6-लेन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे (NH-72A) पूरी तरह बनकर तैयार है। अब इसके औपचारिक उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा गया है, जिसके बाद इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
12 हजार करोड़ की लागत और 8 लेन तक विस्तार की क्षमता-
लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे की खास बात यह है कि वर्तमान में 6-लेन होने के बावजूद इसे भविष्य में जरूरत पड़ने पर आसानी से 8-लेन में बदला जा सकता है। इसके लिए निर्माण के दौरान ही पर्याप्त गुंजाइश रखी गई है।
पहले महीने ‘फ्री’ होगा सफर-
केंद्रीय मंत्री ने एक बड़ी राहत देते हुए बताया कि उद्घाटन के पहले महीने इस मार्ग पर कोई टोल शुल्क नहीं लगेगा। टोल की दरें क्या होंगी, इस पर फिलहाल विचार-विमर्श जारी है। एक्सप्रेस-वे का पहला चरण (अक्षरधाम से बागपत, 32 किमी) पहले ही परीक्षण के लिए खोला जा चुका है। एनएचएआई (NHAI) के अनुसार, फरवरी 2026 तक इस पूरे मार्ग पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे।
एशिया का सबसे बड़ा ‘वन्य जीव गलियारा’ (Wildlife Corridor)-
सहारनपुर से देहरादून के बीच राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर बना 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर इस प्रोजेक्ट का मुख्य आकर्षण है। यह एशिया का अपनी तरह का सबसे अनूठा गलियारा है।
फायदा: इसके नीचे वन्य जीवों और हाथियों की आवाजाही के लिए कई अंडरपास बनाए गए हैं।
अनुभव: इस ऊंचाई वाले रास्ते से गुजरते समय यात्री नीचे जंगल में स्वतंत्र रूप से घूमते हुए जानवरों का दीदार कर सकेंगे।
यात्रा समय में भारी कटौती-
इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी तय करने में लगने वाला समय 6 घंटे से घटकर मात्र 2.5 से 3 घंटे रह जाएगा। यह मार्ग न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि सहारनपुर, बागपत और शामली जैसे क्षेत्रों के विकास के नए द्वार भी खोलेगा।











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