हाथरस : यूपी के हाथरस के बागला डिग्री कॉलेज का प्रोफेसर डॉ रजनीश छात्राओं को अपने घर पर बुलाकर उनके साथ यौन शोषण करता था। छात्राएं प्रोफेसर से मिलने के लिए उनके घर पर चेहरा छिपाकर पहुंचती थीं। छात्राओं को अंदर कमरे में ले जाने के बाद प्रोफेसर उनका यौन शोषण करता था। खुद ही वनडी कॉम एप पर पूरा वीडियो अपने मोबाइल फोन पर कैद करता था। वायरल वीडियो प्रोफेसर की करतूत की खुद गवाही दे रहे हैं।
बागला डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर रजनीश की वीडियो अब तेजी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। कुछ वीडियो प्रोफेसर के कॉलेज में बने ऑफिस की है। वीडियो देखने से लग रहा है कि प्रोफेसर पहले छात्राओं को अपने झांसे में लेता था। कॉलेज के अंदर ही उनसे अश्लीलता करता था। उसके बाद छात्राओं को घर पर आने का दबाव बनाता था।
प्रोफेसर ने एक ही छात्रा को दो बार अपने घर पर बुलाया है। यह सब पुलिस के पास उपलब्ध वीडियो बता रही है। वीडियो सर्दियों की है। एक ही छात्रा को दो बार बुलाया गया है। दोनों दिन छात्रा अलग अलग ड्रेस में नजर आ रही है।
प्रोफेसर की करतूत सामने आने के बाद बागला महाविद्यालय का माहौल बदला-बदला सा है। महाविद्यालय में छात्रों की उपस्थिति काफी कम रह रही है। प्रोफेसर की करतूत के बाद तमाम विद्यार्थी सहमे हुए हैं। अभिभावक बेटियों को कॉलेज भेजने में डर रहे हैं। उपस्थिति कम होने के कारण कक्षाओं में पढ़ाई भी बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही।
एक समय वो था जब बागला महाविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए मारामारी रहती थी। बीएससी और बीकाम संकाय में प्रवेश लेने के लिए जनप्रतिनिधियों तक की सिफारिश लगानी पड़ती थी। महाविद्यालय में कक्षाओं के संचालन होने पर काफी संख्या में छात्र छात्राएं महाविद्यालय में आकर शिक्षा ग्रहण करते थे। पिछले दिनों भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीश कुमार का छात्राओं के साथ अश्लीलता का वीडियो वायरल हो जाने के बाद महाविद्यालय की रौनक खत्म हो गई है। पिछले दो दिनों से पुलिस का पहरा हर समय महाविद्यालय परिसर में रहता है।
वहीं सोशल मीडिया पर अश्लीलता के वीडियो वायरल हो जाने के बाद अब तमाम अभिभावक अपनी बेटियों को कॉलेज नहीं भेज रहे। आरोपी प्रोफेसर की करतूत के प्रकरण से तमाम छात्र छात्राएं सहमे हुए हैं। मंगलवार को महाविद्यालय में पड़ताल के दौरान उजागर हुआ कि पहले की अपेक्षा अब जिस दिन से प्रकरण उजागर हुआ है। तबसे लगातार छात्र संख्या में गिरावट आ रही है। कम उपस्थिति के बाबत जब प्राचार्य महावीर सिंह छोंकर से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि आलू की खुदाई होने के कारण कुछ उपस्थिति छात्रों की कम हुई है।
प्रोफेसर की करतूत से जनपद ही नहीं आसपास जिलों के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। सूत्रों की मानें तो तमाम शिक्षक व शिक्षिकाएं ऐसे हैं, जोकि डरे सहमे हुए हैं। महाविद्यालय समय के दौरान यह डर सताता है कि कहीं कोई अप्रिय घटना न हो जाए। वहीं दूसरे जनपदों से आने वाले शिक्षकों को महाविद्यालय आते और वापस लौटते समय बस में डर लगा रहता है कि कहीं लोगों का आक्रोश उनके ऊपर न निकल जाए।











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