मुजफ्फरनगर। पहलगाम आतंकी हमले पर दिए गए बयान को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। इस दौरान टिकैत के साथ बदसलूकी की गई और उनकी पगड़ी उतार दी गई। अब नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता चंद्रशेखर आजाद ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।
नगीना सांसद ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा- मुजफ्फरनगर में किसान नेता राकेश टिकैत जी के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया- उनकी पगड़ी उतारना, सिर पर डंडा मारना- यह न केवल एक किसान नेता का अपमान है, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और किसान आंदोलनों के सम्मान पर भी हमला है।
उन्होंने लिखा- टिकैत के किसी भी बयान से असहमति हो सकती है, लेकिन इसका जवाब हिंसा नहीं हो सकता। पगड़ी किसी की पहचान और सम्मान का प्रतीक होती है। ऐसी घटनाएं न केवल समाज में नफरत फैलाती हैं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद की जगह संघर्ष को बढ़ावा देती हैं।
सांसद ने लिखा- हम इस कृत्य की निंदा करते हैं और अपील करते हैं कि असहमति को लोकतांत्रिक मर्यादा और तरीकों से ही व्यक्त किया जाना चाहिए। यह सराहनीय है कि टिकैत जी को पुलिस ने सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन सवाल यह है कि ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई?
इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक (शहर) सत्यनारायण प्रजापत ने घटना पर सफाई देते हुए कहा कि राकेश टिकैत पर लाठी से हमला किए जाने की खबरें झूठी हैं। उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा, ‘रैली में कुछ लोगों ने भाकियू नेता का विरोध किया और उन्हें परेशान किया और हाथापाई के दौरान उनकी पगड़ी गिर गई।’ किसान नेता राकेश टिकैत ने घटना की निंदा की और इसे ‘किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए एक विशेष राजनीतिक दल की साजिश’ बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘कुछ युवकों को उनके खिलाफ भेजा गया था’ और ‘जो लोग उन्हें परेशान कर रहे थे, उनमें से कुछ शराब के नशे में थे।’ टिकैत ने घोषणा की कि किसान आतंकवाद के खिलाफ ट्रैक्टर मार्च भी निकालेंगे। मार्च की तारीख आने वाले दिनों में तय की जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार से लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया।










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