मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस तरह इस मामले में अब तक कुल 15 आरोपी जेल जा चुके हैं। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के एक नृशंस हत्याकांड की वीडियो और भड़काऊ ऑडियो क्लिप को मुरादाबाद की घटना बताकर वायरल किया, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया।
थाना भोपा पुलिस ने इस कार्रवाई को ‘इंडियन ग्रुप’, ‘जिला पंचायत वार्ड 22 जौला ग्रुप’ और ‘मुस्लिम राजपूत संगठन जौला ग्रुप’ में भड़काऊ सामग्री साझा करने के आधार पर अंजाम दिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फुरकान अली (46 वर्ष) पुत्र मोहम्मद शफी और सलीम (33 वर्ष) पुत्र यूसुफ, दोनों निवासी जौला, थाना बुढ़ाना के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनसे यह आपत्तिजनक सामग्री साझा की गई थी।
दरअसल, थाना ककरौली क्षेत्र के एक व्हाट्सएप ग्रुप पर एक वीभत्स वीडियो साझा किया गया था, जिसमें एक घर में महिलाओं और बच्चों के शव नजर आ रहे थे। इसके साथ ही एक ऑडियो क्लिप में दावा किया गया था कि यह घटना मुरादाबाद की है और कथित तौर पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा मुस्लिम समुदाय के लोगों की हत्या की गई है। ऑडियो में इस वीडियो को व्यापक स्तर पर वायरल करने की अपील भी की गई थी।
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि वीडियो पाकिस्तान की किसी घटना का है, जिसे झूठा दावा कर भारत का बताकर अफवाह फैलाई गई थी। मामले में 21 जुलाई को नदीम, मनशेर और रहीस की गिरफ्तारी से शुरुआत हुई थी, जिसके बाद 23, 25 और 26 जुलाई को कुल 12 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने इस पूरे मामले में बीएनएस की विभिन्न गंभीर धाराओं के अलावा यूएपीए एक्ट, आईटी एक्ट और सीएल एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक मेरठ जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा की निगरानी में हुई। अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी भोपा और थाना प्रभारी भोपा ने किया। पुलिस का कहना है कि ऐसे किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।










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