मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ कर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह वर्चुअल आईडी और सिम बाक्स के माध्यम से इंटरनेशनल कॉल रूटिंग कर न सिर्फ भारत सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि पहुंचा रहा था, बल्कि साइबर क्राइम में भी संलिप्त था।
गिरफ्तार अभियुक्त मोहम्मद आरिफ पुत्र नसरुद्दीन, निवासी लक्खीपुरा, थाना लिसाड़ी गेट, मेरठ है जिसकी उम्र लगभग 42 वर्ष है। पुलिस ने इसके कब्जे से एक VIVO V50 मोबाइल और एक DELL लैपटॉप बरामद किया है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने मु0अ0स0 18/2025 धारा 3(5)/318(4)/338/336(2)/340(2) बीएनएस, भारतीय बेतार तार यांत्रिकी अधिनियम 1933 की धारा 3/6, भारतीय तार अधिनियम 1885 की धारा 4/20/21/25 तथा आईटी एक्ट की धारा 66C व 66D के तहत केस दर्ज किया है।
गिरफ्तार अभियुक्त मोहम्मद आरिफ ने बताया कि वह पहले पावरलूम (बुनकरी) का कार्य करता था, लेकिन भारी नुकसान के बाद उसने यह अवैध कार्य शुरू किया। मेरठ निवासी सलीम ने उसे सिम बाक्स चलाना सिखाया। फिर उसने अपने साथियों ज़हीरुद्दीन, क़ासिम, मोसीन, सद्दाम व फिरोज के साथ मिलकर इस गिरोह का संचालन किया। सिमकार्ड व सिम बाक्स को ऑनलाइन मंगवाकर, AnyDesk जैसे सॉफ्टवेयर से इन्हें रिमोटली कंट्रोल कर साइबर फ्रॉड व इंटरनेशनल VOIP कॉलिंग में इस्तेमाल किया जाता था।
गिरोह के अन्य सदस्य ज़हीरुद्दीन व कासिम (दोनों मेरठ निवासी) की तलाश जारी है। इन सभी ने मिलकर देश की टेलीकॉम व्यवस्था को चकमा देकर भारी राजस्व नुकसान किया है। अभियुक्त द्वारा अन्य लोगों को भी सिम बाक्स व सिमकार्ड उपलब्ध कराए जाते थे, जिससे नेटवर्क और भी फैल गया था।
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सुल्तान सिंह, निरीक्षक प्रदीप कुमार, उपनिरीक्षक गौरव चौहान, उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह, हैड कांस्टेबल मनोज कुमार व आकाश चौधरी, कांस्टेबल राहुल ने मुख्य भूमिका निभाई। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व व पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ के मार्गदर्शन में की गई।










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