मुजफ्फरनगर। आधार कार्ड आज नागरिकों की पहचान का सबसे अहम दस्तावेज बन चुका है। बैंक, सरकारी योजनाओं, पेंशन, राशन कार्ड, मोबाइल सिम समेत लगभग हर कार्य में आधार कार्ड की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन मुजफ्फरनगर जिले के भोकरहेड़ी कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए यह दस्तावेज बनवाना और अपडेट कराना बड़ी समस्या बना हुआ है।
भोकरहेड़ी नगर पंचायत की आबादी लगभग 25 हजार है, लेकिन नगर में आज तक आधार कार्ड सेंटर नहीं खोला गया। यहां के लोगों को नाम सुधार, जन्मतिथि अपडेट, मोबाइल नंबर परिवर्तन या नए आधार कार्ड बनवाने जैसे कार्यों के लिए 5 से 25 किलोमीटर दूर मोरना, भोपा और मुजफ्फरनगर तक जाना पड़ता है।
लंबी प्रतीक्षा और अधूरे काम से नागरिक बेहाल-
करहेड़ी निवासी कुछ युवकों ने बताया की वह आधार कार्ड मे नाम की स्पेलिंग बदलवाने,जन्मतिथि परिवर्तन कराने के लिए आधार कार्ड सेंटर पर गये थे, किन्तु आधार कार्ड बनाने वालों ने कहा की फिलहाल आधार कार्ड को केवल अपडेट करने का काम चल रहा है। अन्य किसी कार्य को नहीं किया जा सकता है।
कस्बे के जयवीर सिंह व लव कुमार सहरावत का कहना है कि पूर्व में कस्बे में आधार कार्ड बनाने कार्य होता था। वर्तमान में आधार कार्ड बनाने का सेंटर भोकरहेड़ी में नहीं है जिससे कस्बे के नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों की माने तो वह कस्बे से दूर अन्य स्थानों पर आधार कार्ड बनवाने के लिए सुबह सवेरे खाना पैक कराकर घर से लेकर जाते हैं। शाम तक प्रतीक्षा करने के बाद उनसे कहा जाता है की केवल पचास व्यक्तियों के लिए कार्य हो सकता था आपका नंबर कल आएगा।
ग्रामीणों की बड़ी परेशानी-
मोरना ब्लॉक के खादर क्षेत्र के मजलिसपुर तौफीर गांव के ग्राम प्रधान योगेश चौहान ने बताया कि खैर नगर, महाराज नगर और सिताबपुरी गांव के लोगों को आधार कार्ड कार्य के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर ब्लॉक मुख्यालय जाना पड़ता है। कई बार तो लोग 40 किलोमीटर की यात्रा कर लौटते हैं, लेकिन काम पूरा नहीं होता।
सांसद-विधायक भी नाकाम-
नागरिकों का कहना है कि भोकरहेड़ी, शुकतीर्थ और ककरौली में आधार कार्ड सेंटर खुलवाने की मांग कई बार की जा चुकी है। इस संबंध में क्षेत्रीय सांसद चंदन चौहान और विधायक मिथलेश पाल से भी गुहार लगाई गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।










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