मुजफ्फरनगर। पुरकाजी खादर क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध खनन को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण पुरकाजी थाने पहुंचे और जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने पुलिस पर खनन माफियाओं से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू (अराजनैतिक) के पुरकाजी ब्लॉक अध्यक्ष योगेंद्र चौधरी ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि खादर क्षेत्र में लंबे समय से खनन माफिया सक्रिय हैं, जो जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए मिट्टी और पत्थर निकालकर लाखों रुपये का खेल कर रहे हैं। इस अवैध खनन से न केवल पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है, बल्कि किसानों की उपजाऊ जमीन और फसलों पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ग्रामीणों ने कई बार अवैध खनन की शिकायतें पुलिस प्रशासन से कीं, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस की शह पर ही खनन माफिया बेखौफ तरीके से काम कर रहे हैं।
धरने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अवैध खनन की जांच कराई जाएगी और इसमें शामिल दोषियों—चाहे वे खनन माफिया हों या पुलिसकर्मी—किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त किया, लेकिन साथ ही साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अवैध खनन पर रोक नहीं लगी और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा।
धरने में बड़ी संख्या में भाकियू (अराजनैतिक) के कार्यकर्ता और आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे।










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