लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘कोडीन कफ सिरप’ के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में इस सिरप के सेवन से एक भी मौत नहीं हुई है और यह पूरा प्रकरण अवैध डायवर्जन (Illegal Diversion) का मामला है, जिसमें शामिल दोषियों के खिलाफ ‘बुलडोजर एक्शन’ की तैयारी है।
“यूपी में एक भी मौत नहीं, यह इलीगल डायवर्जन का खेल”-
विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि कोडीन कफ सिरप से मौत के मामले अन्य राज्यों में आए हैं, उत्तर प्रदेश में नहीं। उन्होंने कहा, “जांच में साफ हुआ है कि यह अवैध डायवर्जन का मामला है। जांच में कुछ नाम सामने आए हैं, जब समय आने पर उन पर बुलडोजर चलेगा, तो चिल्लाना मत।” सीएम ने आगे कहा कि इस सिरप का दुरुपयोग उन राज्यों में अधिक होता है जहाँ शराबबंदी लागू है।
सपा सरकार में मिला था मुख्य आरोपी को लाइसेंस-
विपक्ष पर पलटवार करते हुए सीएम योगी ने खुलासा किया कि इस अवैध कारोबार में जिस बड़े होलसेलर का नाम सामने आया है, उसे वर्ष 2016 में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान ही लाइसेंस दिया गया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सिरप का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर होना चाहिए, लेकिन सपा के शासनकाल में इसे गलत तरीके से बढ़ावा मिला।
नेता प्रतिपक्ष पर तंज: “पांडेय जी, उम्र के इस पड़ाव पर तो सच बोलिए”-
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर निशाना साधते हुए चुटकी ली। उन्होंने कहा, “उम्र के इस पड़ाव पर लोग आमतौर पर सच बोलते हैं, लेकिन लगता है कि समाजवादी पार्टी के लोग आपसे भी झूठ बुलवा लेते हैं।” सीएम के इस बयान के बाद सदन में हंसी के साथ-साथ तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
सदन में भारी हंगामा, कई बार स्थगित हुई कार्यवाही-
कोडीन कफ सिरप और बुलडोजर एक्शन की चेतावनी को लेकर विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की। विपक्ष के हंगामे और वेल में आने के कारण सदन की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान पड़ा और अध्यक्ष को कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।










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