संभल : यह हादसा जिस स्थान पर हुआ है वहां आबादी नहीं है। बस्ती से कुछ दूरी पर कॉलेज बना है। गांव धनीपुर निवासी राजू ने बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक से ही कार को पलटते हुए देखा और तेज धमाके की आवाज हुई। मौके पर पहुंचे तो कार में सवार लोग चीख रहे थे लेकिन उनको बाहर निकालना मुश्किल था, क्योंकि खिड़कियां चिपक गई थीं।
हादसा चालक की लापरवाही से हुआ है। रफ्तार बेकाबू थी। इसके चलते ही चालक ने स्टेयरिंग से नियंत्रण खो दिया और अचानक से गाड़ी पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि दूर तक आवाज पहुंची, लोग मौके पर आए लेकिन मदद नहीं कर सके क्योंकि क्षतिग्रस्त कार दीवार से चिपक जैसी गई थी। पुलिस के पहुंचने पर शव और घायल कार से बाहर निकाले गए। यह कहना है एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का। वह हादसे के बाद मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने पुलिस के साथ आम लोगों से भी हादसे की जानकारी ली।
एसपी ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तो हादसा चालक की लापरवाही से हुआ है। कार की रफ्तार तेज थी। अचानक से ही पलट गई और कॉलेज की दीवार से जा भिड़ी। इस भीषण हादसे में आठ लोगों की जान चल गई है, एक घायल का उपचार चल रहा है, जिसकी हालत गंभीर है। तीन वर्षीय बालिका की हालत ठीक है। मौके पर पांच लोगों ने दम तोड़ा था। घटनास्थल पर पुलिस को आधार कार्ड मिले थे। उसके माध्यम से सूचना पीड़ित परिवार तक पहुंचाई गई।
एसपी ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो जेसीबी से कार को दीवार से अलग किया गया। इसके बाद मशीन से कार के दरवाजे काटे गए। तब शव और घायलों को निकाला गया। पहले सीएचसी भर्ती कराया और बाद में अलीगढ़ के लिए रेफर कराया गया।
यह हादसा जिस स्थान पर हुआ है वहां आबादी नहीं है। बस्ती से कुछ दूरी पर कॉलेज बना है। गांव धनीपुर निवासी राजू ने बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक से ही कार को पलटते हुए देखा और तेज धमाके की आवाज हुई। मौके पर पहुंचे तो कार में सवार लोग चीख रहे थे लेकिन उनको बाहर निकालना मुश्किल था, क्योंकि खिड़कियां चिपक गई थीं। जो हाथ से नहीं खोली जा सकती थीं। इसके बाद जेसीबी से कार को सीधा किया गया। फिर जेसीबी से ही गेट तोड़े गए।
घटनास्थल और थाने की दूरी करीब 400 मीटर है। हादसा करीब 7 बजे हुआ है। पुलिस करीब 7.25 बजे मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने तक राहगीर मदद करने के प्रयास में लगे रहे। जब पुलिस पहुंची तो सीएचसी घायल ले जाए गए। पांच लोगों की तो मौके पर ही मौत हो गई थी। पांच लोग तड़प रहे थे। हादसा होने और उपचार मिलने में करीब 40 मिनट का समय लग गया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि इन घायलों को तत्काल उपचार मिल जाता तो शायद कई लोगों की जान बच सकती थी। हादसा भीषण होने के कारण सभी का खून ज्यादा बह गया। ज्यादा खून बहना और गहरे जख्म होने को ही मौत कारण लोग मान रहे हैं।











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