मेरठ : अमरोहा की युवती कैंसर पीड़ित मां का इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज आई थी। यहां एक युवक ने वार्ड के बाथरूम में नहाते समय उसका वीडियो बना लिया था। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा है।
मेडिकल कॉलेज के बाथरूम में नहाते हुए अमरोहा की युवती का एक तीमारदार ने वीडियो बना लिया। मोबाइल पर वीडियो भेजकर युवती पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अमरोहा के मंडी धनौरा क्षेत्र की एक युवती की मां कैंसर से पीड़ित है। 11 जून को मां का इलाज कराने युवती मेडिकल कॉलेज आई थी। वार्ड नंबर-11 में उसकी मां को भर्ती किया गया था। आरोप है कि एक दिन मेडिकल कॉलेज के बाथरूम में युवती नहा रही थी, तो एक तीमारदार ने उसका वीडियो बना लिया। युवती को इसकी भनक नहीं लगी।
कुछ दिन इलाज के बाद युवती अपनी मां के साथ घर लौट गई। 28 जून को युवती के मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि उसने व्हाट्सएप पर एक वीडियो भेजा है, उसे देखकर कॉल करो। युवती ने आरोपी की बात पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद आरोपी लगातार कॉल करके शारीरिक संबंध न बनाने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा।
एक जुलाई को युवती अपनी मां का चेकअप कराने मेडिकल कॉलेज आई तो आरोपी ने उसे फिर से वीडियो भेजा। धमकी दी कि उसकी बात नहीं मानी तो वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बदनाम कर देगा। युवती ने यह बात अपने दोस्त को बताई। वह अमरोहा से मेरठ आ गया। इसके बाद युवती ने अपने परिजनों को भी आरोपी के बारे में बता दिया।
युवती ने आरोपी से एक नए नंबर से बात की और वीडियो मांगा। इस दौरान आरोपी से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी युवती ने कर ली। पीड़िता ने मेडिकल थाने में तहरीर देकर आरोपी के पास से अपना वीडियो डिलीट कराने और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना से एक बार फिर मेडिकल कॉलेज में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले मेडिकल कॉलेज के न्यू आर्थो वार्ड के शौचालय में 20 जून को 13 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म की घटना हुई थी। वह पैर का ऑपरेशन कराने के लिए भर्ती हुई थी। पुलिस ने मां की तहरीर पर आरोपी रोहित के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी, पॉक्सो एक्ट, एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
प्रिंसिपल डॉ. आरसी गुप्ता ने जांच के लिए तीन सदस्य टीम गठित की थी। सात दिन में जांच पूरी कर प्रिंसिपल को रिपोर्ट देनी थी। समिति की जांच में किसकी लापरवाही सामने आई और क्या कार्रवाई हुई, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है।











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