मेरठ। किला रोड स्थित बीएनजी स्कूल के सामने मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक किसान हाईटेंशन लाइन के खंभे पर चढ़ गया। युवक की पहचान सिविल लाइन निवासी मनोज पुत्र प्रेमपाल के रूप में हुई, जो अपनी जमीन के अधिग्रहण और मुआवज़ा न मिलने से नाराज था। किसान का आरोप था कि मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने उसकी जमीन गंगानगर योजना के तहत अधिग्रहित कर ली है, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया।
सूचना मिलते ही थाना भावनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मनोज को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, जब मनोज खंभे से नीचे उतरने लगा तो संतुलन बिगड़ने के कारण वह नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मनोज की मौत की खबर मिलते ही भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। जब कोई समाधान नहीं निकला तो वे शव को लेकर डीएम ऑफिस पहुंचे और धरने पर बैठ गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर समझौता कराया।
समझौते के प्रमुख बिंदु:
किसान की मृत्यु की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मृतक की बेटियों को कन्या सुमंगला योजना से सहायता मिलेगी।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत भी मदद दी जाएगी।
दोषियों के खिलाफ जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी समेत देशपाल हुड्डा, हर्ष चहल, मोनू टिकरी, सनी प्रधान, सत्येंद्र, बबलू, हरेंद्र, अरुण, प्रिंस, विनोद, कृष्णपाल, परविंदर, सुनील, हरीश, डीके आदि किसान मौजूद रहे।











Discussion about this post